धार। मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित बदनावर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। लेबड़-नयागांव फोरलेन पर तेज रफ्तार ट्राले ने बाइक से खेत जा रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में पति, पत्नी और उनकी 13 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 साल की दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फोरलेन पर धरना देकर ढाई घंटे तक चक्काजाम किया।
लहसुन की बोवनी करने खेत जा रहा था परिवार
यह हादसा शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे पिटगारा चौराहे पर हुआ। बड़ा कठोड़िया गांव के रहने वाले राहुल (35), उनकी पत्नी पूजा (30) और दो बेटियां सुमन (13) व शिवानी बाइक से खेरवास स्थित अपने खेत पर लहसुन की बोवनी के लिए जा रहे थे।
जैसे ही वे फोरलेन पर स्थित पिटगारा चौराहे के पास पहुंचे, पेटलावद मार्ग की ओर से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्राले ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि राहुल, पूजा और सुमन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल छोटी बेटी शिवानी को तत्काल निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
2 किलोमीटर लंबा लगा जाम, कई बसें और स्कूली वाहन फंसे
हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पिटगारा चौराहे पर एकत्र हो गए। फोरलेन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और लगातार हो रहे हादसों से भड़के लोगों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी और चक्काजाम कर दिया। ढाई घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण फोरलेन पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान कई यात्री बसें, कमर्शियल वाहन और स्कूली बसें जाम में फंसी रहीं।
प्रशासनिक आश्वासन और 40 हजार की तत्काल सहायता के बाद खुला रास्ता
घटना की सूचना मिलते ही बदनावर एसडीएम प्रियंका मिमरोट, तहसीलदार सुरेश नागर, एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर और टीआई अमित सिंह कुशवाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और आरोपी ट्राला चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन, टोल कंपनी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मिलकर पीड़ित परिवार को करीब 40 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की। चौराहे पर सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम कराने के प्रशासनिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
लगातार हादसों से 'ब्लैक स्पॉट' बना पिटगारा चौराहा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिटगारा चौराहा अब हादसों का 'ब्लैक स्पॉट' बन चुका है। इस चौराहे पर पेटलावद मार्ग जुड़ता है और पास में कृषि उपज मंडी तथा सब्जी मंडी होने के कारण यहां दिन-रात हजारों वाहनों की आवाजाही रहती है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस चौराहे पर स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक सिग्नल और दिशा-सूचक साइन बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और फोरलेन निर्माण कंपनी की अनदेखी के कारण लगातार जानलेवा हादसे हो रहे हैं।













