भोपाल, जितेंद्र यादव। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के वरिष्ठ सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत भोपाल के शहर काजी मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी और बोर्ड के सदस्य व कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसके खिलाफ देशव्यापी और कानूनी लड़ाई का ऐलान किया।
UCC को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के मुख्य बिंदु
विधायक आरिफ मसूद ने स्पष्ट किया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यूसीसी बिल को स्वीकार नहीं करेगा। इसे निरस्त कराने के लिए संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक और कानूनी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड इस मामले को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाएगा और इसकी पूरी कानूनी तैयारी कर ली गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक 21 राज्यों में UCC लागू करने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश के संविधान को प्रभावित कर रही है, जबकि वे संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने 17 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले विरोध-प्रदर्शन में मध्य प्रदेश से अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने का आह्वान किया।
शहर काजी नदवी और गोलवलकर के विचारों का उल्लेख
भोपाल के शहर काजी मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी ने सभी समुदाय और आम जनता से 17 सितंबर को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में एकजुट होकर पहुंचने की अपील की। प्रेस वार्ता के दौरान बोर्ड के सदस्यों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वितीय सरसंघचालक एमएस गोलवलकर के पूर्व बयानों का संदर्भ देते हुए कहा कि उन्होंने भी पूर्व में देश में समान नागरिक संहिता की आवश्यकता को खारिज किया था।




