छतरपुर, विनोद मिश्रा। जिले के बड़ा मलहरा सिविल अस्पताल में शवों के सम्मानजनक परिवहन की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में शवगृह तक शव पहुंचाने के लिए अलग शव वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण कचरा परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहन का उपयोग किया जा रहा है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने मृतकों की गरिमा का ध्यान रखते हुए समर्पित शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन शव परिवहन जैसी मूलभूत व्यवस्था का अभाव चिंताजनक है।


जानकारी के मुताबिक अस्पताल में आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से चालक की व्यवस्था और उसके वेतन का भुगतान किया जा रहा है, इसके बावजूद शव परिवहन के लिए अलग वाहन उपलब्ध नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चालक सहित अन्य संसाधनों पर खर्च किया जा रहा है तो शवों के लिए समर्पित वाहन की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।


मामले में बीएमओ डॉ. हेमंत मरैया ने बताया कि अस्पताल के लिए शव वाहन की मांग जिले में आयोजित बैठकों के दौरान कई बार रखी जा चुकी है। हालांकि, अभी तक मद उपलब्ध नहीं होने के कारण शव वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से जल्द शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अंतिम समय में भी मृतक की गरिमा और परिजनों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।