धार/गंधवानी, भानु शर्मा। जनपद पंचायत गंधवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत काबरवा में संचालित गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। गौशाला में चारा, पानी, उपचार और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाया गया है। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने गौशाला का निरीक्षण कर बीमार, घायल और कमजोर अवस्था में मिले गौवंश को लेकर चिंता जताई है। साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग की गई है।
शिवसेना गंधवानी तहसील प्रमुख दीप सिंह बरनाला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक दल काबरवा गौशाला पहुंचा और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने गौशाला में मौजूद बीमार एवं घायल गौवंश की स्थिति देखी और उनके उपचार तथा देखभाल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान जय जैन, मनीष गहलोत, दीपक चौहान, यशवंत खराड़ी, रोहित चौहान, रौनक यादव, जितेन सोलंकी, बबलू प्रजापत और अजय प्रजापत सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौशाला में 44 गाय और 6 बछड़े
शिवसेना कार्यकर्ताओं के अनुसार गौशाला में वर्तमान में 44 गाय और 6 बछड़े हैं। गौशाला की सुरक्षा के लिए चारों तरफ तार की फेंसिंग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौवंश की सुरक्षा के लिए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और यहां पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गौशाला में उचित देखभाल के अभाव के कारण पूर्व में कई गौवंश की मौत हुई है, जबकि कई गौवंश घायल और कुपोषित अवस्था में मिले हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कमजोर एवं घायल गौवंश पर आवारा श्वानों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उनका कहना है कि समय रहते सुरक्षा और देखभाल के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने से स्थिति बिगड़ी है।
जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग
शिवसेना पदाधिकारियों ने प्रशासन से गौशाला की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गौवंश के लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, आवश्यक दवाइयां और नियमित पशु चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से गौशाला में पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराने और बीमार व घायल गौवंश का तत्काल उपचार सुनिश्चित करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गौवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि गौशाला की व्यवस्थाओं में जल्द सुधार हो सके।




