उज्जैन। सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के मद्देनजर कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ रही ऐतिहासिक शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर उपजा विवाद अब सियासी और भड़काऊ बयानों तक पहुंच गया है। सोमवार को तीन बार हुए पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के शेल चलने के बाद अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मध्य प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान का एक बेहद उत्तेजक वीडियो सामने आया है। नागझरी थाने के बाहर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने पुलिस और प्रशासन को सीधे तौर पर 'मुकाबले और हिसाब' की चेतावनी दी है। इधर, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शाही मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज करते हुए प्रशासन और कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले का पटाक्षेप कर दिया है।


'जल्द मुकाबला होगा और सबका हिसाब होगा': AIMIM प्रदेश अध्यक्ष का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे वीडियो में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान थाने के बाहर समर्थकों की भीड़ के बीच पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त करते दिख रहे हैं। उन्होंने खुले मंच से कहा- "आपको ये चेतावनी देकर जा रहा हूं, जल्द मुकाबला होगा और सबका हिसाब होगा।" खान ने कहा कि पुलिस थानों के अंदर उनके बेकसूर नौजवान बंद हैं और जब तक एक-एक नौजवान को रिहा नहीं करा लिया जाता, तब तक वे यह कानूनी और जमीनी लड़ाई लड़ते रहेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने स्थानीय मुस्लिम नेतृत्व और कमेटी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि मस्जिद को बचाने के लिए भोपाल, इंदौर, देवास और उज्जैन के मुसलमानों का आह्वान क्यों नहीं किया गया? उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों ने अपनी निजी "दुकानदारी" बचाने के लिए मस्जिद के वजूद का सौदा कर लिया।


हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका; समझौते के तहत 3 फीट जगह देने पर सहमति

मस्जिद कमेटी द्वारा कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में लगाई गई याचिका पर सोमवार को अहम सुनवाई हुई। अदालत ने कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया और जिला प्रशासन व मस्जिद कमेटी के बीच बनी आपसी सहमति के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया।

मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता कुलदीप पाठक के अनुसार:

  • सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के लिए मस्जिद का करीब 3 फीट का हिस्सा स्वेच्छा से देने पर सहमति बनी है।
  • निर्माण की जद में आ रही बड़ी मीनार को दूसरी ओर तकनीकी रूप से शिफ्ट किया जाएगा।
  • मस्जिद के नीचे स्थित प्रभावित दुकानदारों को प्रशासन द्वारा विस्थापन के तहत अन्यत्र स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।


रात 11 बजे खाली कराई गईं दुकानें, मंगलवार सुबह फिर शुरू हुई कार्रवाई

सोमवार को दिनभर हुए पथराव और तनाव के बाद रात करीब 11 बजे कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के निर्देश पर प्रशासनिक अमले ने मस्जिद के नीचे स्थित सभी व्यावसायिक दुकानों को खाली कराने की कार्रवाई पूरी की। मंगलवार सुबह क्षेत्र में भारी पुलिस बल और फ्लैग मार्च की मौजूदगी के बीच मस्जिद के चिह्नित हिस्से को हटाने का काम दोबारा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू किया गया। एहतियात के तौर पर छत्री चौक क्षेत्र की दुकानें बंद रहीं, जबकि ढाबा रोड, सराफा और गोपाल मंदिर के आसपास के अन्य बाजारों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है।


8 प्राथमिकियां दर्ज, 15 से 20 संदिग्ध हिरासत में

उज्जैन पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने बताया कि सोमवार को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने के मामलों में अब तक कुल 8 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं:

  • 1 FIR: पुलिस बल पर जानलेवा पथराव और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर दर्ज की गई है।
  • 5 FIR: सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट डालने वाले इन्फ्लुएंसर्स व अन्य तत्वों के खिलाफ की गई हैं।
  • 2 FIR: निषेधाज्ञा व अन्य प्रशासनिक आदेशों के उल्लंघन को लेकर दर्ज हुई हैं।

पुलिस ने उपद्रव और पत्थरबाजी में शामिल करीब 15 से 20 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे सघन पूछताछ जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भड़काऊ वीडियो और बयानों की भी तकनीकी जांच कराई जा रही है तथा माहौल खराब करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।