इंदौर। इंदौर के समीपस्थ महू क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया। इंदौर-खंडवा मार्ग स्थित भेरूघाट के पास सुबह करीब 7:30 बजे नर्मदा-क्षिप्रा परियोजना की मुख्य पाइपलाइन अचानक भीषण धमाके के साथ फट गई। पाइपलाइन फटते ही पानी का विशाल फव्वारा करीब 150 फीट की ऊंचाई तक उठने लगा, जो पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन को छूता हुआ प्रतीत हो रहा था। पानी का बहाव इतना विकराल था कि देखते ही देखते जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई और पानी आसपास के रिहायशी इलाकों व घरों में घुस गया, जिससे भारी तबाही मची है।
मकान बहे, मलबे और पत्थरों की बौछार से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, पाइपलाइन में पानी का प्रेशर इतना अत्यधिक था कि पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर भी हवा में उछलकर दूर तक गिरे। चौकीदार का आशियाना तिनके की तरह बहा: घटनास्थल के पास स्थित वन विभाग की रोपणी के चौकीदार रमेश कोहली का कच्चा मकान पानी के तेज रेले में सामान सहित पूरी तरह बह गया। ढाबा और मकान क्षतिग्रस्त: भेरू बाबा मंदिर के समीप स्थित 'बाबा ढाबा' का टीन शेड पानी के बहाव में जमींदोज हो गया। पत्थरों की मार से कई अन्य मकानों की टीन की चादरें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
जान बचाकर भागे ग्रामीण, घरेलू सामान और राशन बर्बाद
भेरूघाट क्षेत्र के पीड़ित विजय कोहली और सुगंध बाई कोहली ने बताया कि उनके परिवार के यहां पांच मकान हैं। सुबह अचानक हुए इस हादसे से क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
"सुबह 7:30 बजे अचानक बम फटने जैसी आवाज आई। जब तक हम कुछ समझ पाते, सैलाब की तरह पानी हमारे घरों की तरफ बढ़ने लगा। हम सब जान बचाकर तुरंत बाहर की तरफ भागे। घरों में रखा सारा राशन, कीमती घरेलू सामान और कपड़े पानी में डूब गए। हमारा हजारों रुपए का नुकसान हो गया है।"
- विजय कोहली, स्थानीय पीड़ित
ओंकारेश्वर से उज्जैन जाती है पाइपलाइन, 1 घंटे बाद बंद हुई सप्लाई
स्थानीय निवासी सचिन कोहली ने जानकारी दी कि यह पाइपलाइन ओंकारेश्वर से उज्जैन तक जाने वाली नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना का मुख्य हिस्सा है। लगभग एक घंटे तक पानी का यह रौद्र रूप जारी रहा। सुबह करीब 8:30 बजे जब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा पीछे से मुख्य सप्लाई को बंद किया गया, तब जाकर पानी का वेग थमा और स्थिति सामान्य हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में पाइपलाइन फटने की यह पहली और सबसे भीषण घटना है।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप; लीकेज की नहीं की थी मरम्मत
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन और विभाग के अधिकारियों पर फूट पड़ा है। स्थानीय निवासी रवि कोहली ने आरोप लगाया कि इस पाइपलाइन में पिछले कई दिनों से लीकेज की समस्या बनी हुई थी।
"हमने कई बार संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस लीकेज के बारे में अवगत कराया था और अनहोनी की आशंका जताई थी। इसके बावजूद समय रहते कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया। यह पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही है।"
- रवि कोहली, स्थानीय निवासी
प्रभावित ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और बाढ़ जैसे हालात से हुए नुकसान का सर्वे कराकर तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की है।

