भोपाल। राजधानी भोपाल को विदिशा, सागर और छतरपुर सहित समूचे बुंदेलखंड अंचल से जोड़ने वाली सड़क कनेक्टिविटी को लेकर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भोपाल से विदिशा के बीच लगभग 60 किलोमीटर लंबा एक बिल्कुल नया फोरलेन मार्ग (Greenfield/Alternate Route) तैयार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण फोरलेन परियोजना के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली आगामी कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। नए मार्ग के स्वीकृत होते ही इसका भूमिपूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
क्यों पड़ी नए फोरलेन मार्ग की आवश्यकता?
भोपाल से विदिशा का मार्ग परिवहन के दृष्टिकोण से रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग केवल विदिशा ही नहीं, बल्कि आगे जाकर सागर, छतरपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के कानपुर तथा दूसरी ओर सागर, ललितपुर होते हुए झांसी-दिल्ली रूट को भी राजधानी से जोड़ता है। वर्तमान सड़क पर बढ़ते भारी वाहनों के दबाव और इस पूरे क्षेत्र में विकसित हो रहे नए औद्योगिक क्षेत्रों को देखते हुए एक सुगम 'औद्योगिक गलियारे' (Industrial Corridor) की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह नया फोरलेन मौजूदा सड़क से पूरी तरह अलग होगा, जिससे यात्रियों को एक नया और तेज विकल्प मिलेगा।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के तहत होगा विकास
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के एकीकृत विकास के तहत यह कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, "जिस प्रकार इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन के तहत इंदौर से उज्जैन और उज्जैन से जावरा के लिए नए मार्ग स्वीकृत किए गए हैं, उसी तर्ज पर भोपाल-विदिशा के बीच नए फोरलेन का निर्माण कराया जाएगा।" मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए बुधनी से विधायक रमाकांत भार्गव को भी बधाई दी।
क्षेत्र में बिछेगा सड़कों का जाल, कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
भोपाल और विदिशा के बीच आने वाले वर्षों में विश्वस्तरीय सड़क अधोसंरचना (Road Infrastructure) देखने को मिलेगी। इस रूट पर वर्तमान में 8 अलग-अलग सड़क विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है:
- ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: भोपाल से विदिशा और सागर होते हुए कानपुर, लखनऊ तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना है।
- बायपास निर्माण: विदिशा शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूर ₹4,000 करोड़ की लागत से जल्द ही बायपास का निर्माण शुरू होगा।
- नसरुल्लागंज-रेहटी-बुधनी मार्ग: इस व्यस्त मार्ग को भी बढ़ाकर फोरलेन किया जाएगा।
इस नए फोरलेन हाईवे के बनने से न केवल भोपाल और विदिशा के बीच की दूरी का समय कम होगा, बल्कि छतरपुर और सागर जैसे बुंदेलखंड के जिलों से राजधानी आने वाले लोगों का सफर भी अधिक सुरक्षित और सुगम हो जाएगा।




