नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सत्तारूढ दल नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय बयान दिया है। बिना कोई सबूत पेश किए उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाने की कोशिश की है कि भाजपा विधायकों को उनकी पार्टी से अलग करने की कोशिश कर रही है... इस तरह के निराधार आरोप प्रशासनिक अक्षमता, अयोग्यता और कुशासन जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास प्रतीत होते हैं। हम इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं। हम उमर अब्दुल्ला से कहना चाहेंगे कि या तो वे अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करें या अपने बयान के लिए माफी मांगें..."
उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार की अक्षमता और कुशासन को छिपाने के लिए और इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार का अनर्गल आरोप उमर अब्दुल्ला ने लगाया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हमारी मांग है कि या तो मुख्यमंत्री इन आरोपों के सबूत पेश करें या फिर अपने बयान के लिए माफी मांगे।
भाजपा सांसद ने कहा कि मैं जम्मू-कश्मीर की सरकार से कहना चाहूंगा कि संवैधानिक पद पर बैठकर आप अपने कर्तव्य का निर्वहन करिए और जनता की सेवा करिए, बजाय इसके कि अपनी अक्षमता पर पर्दा डालने के लिए इस प्रकार के आरोप लगाएं।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को अपनी पार्टी को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार गिराने के लिए विधायकों को 20-30 करोड़ रुपए की पेशकश और राज्य का दर्जा देने का वादा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि जब पैसों और मंत्री पदों की पेशकश नाकाम रही, तो अब हमारे विधायकों को लुभाने के लिए बंद दरवाजों के पीछे से कोशिशें की जा रही हैं। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि भाजपा यहां परोक्ष रूप से प्रवेश न कर सके।
मुख्यमंत्री उमर ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में दलबदल कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जम्मू से पार्टी के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20-30 करोड़ रुपए, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था। ये प्रयास नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, लेकिन हमारी पार्टी राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगी।












