नागोया। एशियन गेम्स 2026 में जय मीणा ने इतिहास रच दिया है। उन्होने पुरुषों के सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए पहला मेडल जीता है। हालांकि, सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।सेमीफाइनल में हार के बावजूद वह ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम करने में सफल रहे हैं। मीणा ने क्वार्टर फाइनल में शेरविन नुगुइट के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला मेडल पक्का किया था। उस मैच में वे आखिरी गेम में पीछे चल रहे थे, लेकिन फिर वापसी करते हुए लगातार चार प्वाइंट जीते और क्वार्टर फाइनल 4-3 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां वे कुरोसाका से हार गए और ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना सफर खत्म किया।
सॉफ्ट टेनिस में मीणा का सफर एक दिलचस्प संयोग से शुरू हुआ। शुरुआत में उनकी रुचि क्रिकेट में थी और वे क्रिकेटर बनना चाहते थे। मगर जब उन्होंने देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया, तो वहां बने सॉफ्ट टेनिस कोर्ट ने उनका ध्यान खींचा। पहले वे खिलाड़ियों को खेलते हुए देखते थे और बाद में बॉल बॉय के रूप में मदद करने लगे।
धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी सॉफ्ट टेनिस में बढ़ी और उन्होंने खुद यह खेल खेलना शुरू कर दिया। स्कूल और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरुआत करने के बाद वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। सिर्फ 14 साल की उम्र में ही वे जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने गए। मीणा ने 2022 में गुजरात में हुए 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष सिंगल्स वर्ग का गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने पुरुष टीम और डबल्स स्पर्धा में भी मध्य प्रदेश के लिए पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई।
इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। 2025 में वे पुरुष सिंगल्स के नेशनल चैंपियन बने। एशियन गेम्स 2022 में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, जहां वे पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। साथ ही पुरुष टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी।
2024 में मीणा ने आध्या तिवारी के साथ मिलकर वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के मिक्स्ड डबल्स मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत को इस टूर्नामेंट का पहला मेडल दिलाकर इतिहास रचा। इसके बाद 2025 में उन्होंने एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष सिंगल्स के सेमीफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया और इस प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में मीणा ने कुल चार मेडल जीते, जो उनकी बड़ी उपलब्धि रही। टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप के एथलीट के रूप में यह उनका तीसरा एशियन गेम्स है। इससे पहले भी वे जकार्ता एशियन गेम्स 2018 और हांगझोऊ एशियन गेम्स 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।




