गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को घोषणा की कि दिग्गज पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को 29 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित महान असमिया गायक-संगीतकार भूपेन हजारिका की जन्मशती समारोह के दौरान 'भूपेन हजारिका पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा।राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस पुरस्कार में 10 लाख रुपए का पुरस्कार शामिल है और उषा मंगेशकर को यह पुरस्कार भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए दिया जाएगा।
यह कार्यक्रम भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों का हिस्सा है। भूपेन हजारिका भारत के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक व्यक्तित्वों में से एक थे, जिनका संगीत, कविता और रचनाएं भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं से परे थीं।
8 सितंबर 1926 को असम के सादिया में जन्मे हजारिका अपनी विशिष्ट आवाज और सशक्त संगीतमय अभिव्यक्ति के कारण सुधाकांठा या कोयल के नाम से प्रसिद्ध थे। उनके गीतों में अक्सर मानवता, सामाजिक न्याय, समानता, सांप्रदायिक सद्भाव और आम लोगों के जीवन जैसे विषय शामिल होते थे।
भूपेन हजारिका ने असमिया संगीत और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असमिया लोक परंपराओं से प्रेरणा लेकर उन्होंने ऐसा संगीत रचा जो भारत और उससे बाहर के लोगों के दिलों को छू गया। आम लोगों के संघर्षों और मानवता की एकता को दर्शाने वाले गीतों सहित उनकी प्रसिद्ध रचनाएं आज भी भारत की सांस्कृतिक विरासत में एक विशेष स्थान रखती हैं।
हजारिका को अपने जीवनकाल में कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें 1992 में सिनेमा के क्षेत्र में भारत का सर्वोच्च सम्मान, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भी शामिल है। उन्हें 2001 में पद्म भूषण और 2012 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था। उन्हें मरणोपरांत 2019 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
शताब्दी समारोह में संगीत, सिनेमा और साहित्य में हजारिका के अमिट योगदान को उजागर करने के साथ-साथ असम और पूर्वोत्तर के सांस्कृतिक राजदूत के रूप में उनकी विरासत को भी पुनर्जीवित करने की उम्मीद है। दिल्ली कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की भागीदारी से इस महान कलाकार के शताब्दी समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता मिलने की भी उम्मीद है।

















