बैतूल/चिचोली, सुरेन्द्र बावने। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले अंतर्गत चिचोली उपडाकघर में डाक विभाग द्वारा उपसंभाग स्तरीय ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। भारतीय डाक विभाग (छिंदवाड़ा प्रभाग) के तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में भैंसदेही उपसंभाग के अंतर्गत आने वाले चिचोली, भीमपुर और दामजीपुरा ग्रामीण क्षेत्रों के 53 ग्रामीण डाक सेवकों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान डाक विभाग द्वारा आम नागरिकों के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा, आधार सेवाओं और पार्सल सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
उपसंभाग निरीक्षक और सब पोस्ट मास्टर ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा
प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपसंभाग निरीक्षक आनंद यादव एवं चिचोली उपडाकघर के सब पोस्ट मास्टर सुनील खंडेलवाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित डाक सेवाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। अधिकारियों ने उपस्थित डाक सेवकों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण अंचलों के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डाक विभाग की सुरक्षित और भरोसेमंद योजनाओं को पहुंचाएं। इसके साथ ही कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के तौर-तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
आरडी, सुकन्या और डाक जीवन बीमा की खूबियों पर प्रकाश
कार्यशाला में भारतीय डाक विभाग द्वारा संचालित विभिन्न वित्तीय योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डाक सेवकों को बचत खाता (SB), आवर्ती जमा (RD), सावधि जमा (TD), सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) के साथ-साथ डाक जीवन बीमा (PLI) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (RPLI) के लाभों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि डाक विभाग की बचत योजनाएं आकर्षक ब्याज दरों के साथ-साथ शत-प्रतिशत सुरक्षित निवेश और भारत सरकार द्वारा संपूर्ण रकम वापसी की पूर्ण गारंटी प्रदान करती हैं, जिसके बारे में ग्रामीणों को जागरूक करना आवश्यक है।
पार्सल, स्पीड पोस्ट और आधार सेवाओं को घर-घर पहुंचाने का आह्वान
वित्तीय बचत के अलावा प्रशिक्षण में डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पीड पोस्ट, पार्सल डिलीवरी नेटवर्क, समय पर ट्रैकिंग अपडेट और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आधार सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने डाक सेवकों से कहा कि वे इन सेवाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि स्थानीय ग्रामीणों को आधार अपडेशन और पार्सल भेजने के लिए दूर-दराज के शहरों के चक्कर न काटने पड़ें।













