नई दिल्ली। भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या जुलाई 2026 के 1,094.48 मिलियन से बढ़कर अगस्त 2026 के अंत तक 1,101.21 मिलियन हो गई। इस दौरान ब्रॉडबैंड ग्राहकों में 0.61 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई।दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि अगस्त के दौरान 1.583 करोड़ उपभोक्ताओं ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए आवेदन किया। वहीं अगस्त में सक्रिय वायरलेस (मोबाइल) ग्राहकों की संख्या, पीक विजिटर लोकेशन रजिस्टर (वीएलआर) के आधार पर, 1,207.59 मिलियन रही।

वायरलाइन सेवाओं में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। जुलाई 2026 के अंत में जहां वायरलाइन ग्राहकों की संख्या 48.01 मिलियन थी, वहीं अगस्त के अंत तक यह बढ़कर 48.45 मिलियन हो गई। इस दौरान वायरलाइन ग्राहकों में 4.4 लाख की शुद्ध बढ़ोतरी हुई और मासिक वृद्धि दर 0.93 प्रतिशत रही।

देश में वायरलाइन टेली-घनत्व (टेली डेंसिटी) भी बढ़ा है। यह जुलाई के 3.36 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 3.39 प्रतिशत तक पहुंच गया। अगस्त के अंत में शहरी क्षेत्रों में वायरलाइन टेली-डेंसिटी 8.34 प्रतिशत रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 0.58 प्रतिशत दर्ज की गई।

कुल वायरलाइन ग्राहकों में 89.08 प्रतिशत हिस्सेदारी शहरी उपभोक्ताओं की रही, जबकि 10.92 प्रतिशत ग्राहक ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े रहे। इससे स्पष्ट है कि वायरलाइन सेवाओं का विस्तार अभी भी मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में केंद्रित है।

आंकड़ों के अनुसार, बीएसएनएल, एमटीएनएल और एपीएसएफएल जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं की संयुक्त हिस्सेदारी अगस्त के अंत तक वायरलाइन बाजार में 16.05 प्रतिशत रही।

इस बीच, टीआरएआई ने हाल ही में डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (डीसीआर) प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को घरों और कार्यालयों की डिजिटल कनेक्टिविटी की गुणवत्ता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके साथ एक मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है, जिसके जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी का परीक्षण किया जा सकेगा।

टीआरएआई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा, "इस प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ता किसी भी रेटेड प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग देख सकेंगे और प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी कर सकेंगे। इससे लोगों को घर या कार्यालय चुनते समय नेटवर्क, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिलेगी। साथ ही कॉल, डाउनलोड और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकेगी।"