जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने सोमवार को पंजाब में जालंधर के पास अपने परिसर में हिंसा के लिए बाहरी लोगों के प्रवेश को जिम्मेदार ठहराया, जहां छात्रों के बीच अशांति के बीच विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी हुई।यूनिवर्सिटी ने कहा कि इस घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा मजबूत करने और शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
यूनिवर्सिटी का यह बयान छात्रों के उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया है कि अशांति के दौरान तोड़-फोड़ और आगजनी में बाहरी लोग शामिल थे। हालांकि, कथित बाहरी लोगों की भूमिका और हिंसा की वजह बने हालात अभी जांच का विषय हैं।
पिछले दो दिनों में कैंपस में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बाद तनाव के माहौल में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एलपीयू का दौरा किया। यह दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस निर्देश के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने डीजीपी को यूनिवर्सिटी जाकर हालात का जायजा लेने को कहा था। यह निर्देश छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा, तोड़-फोड़ और पुलिस की तीन गाड़ियों में आग लगाए जाने की घटनाओं के बाद दिया गया था।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों से निपटने के दौरान पुलिस ने संयम बरता और कम से कम बल का इस्तेमाल किया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि आगजनी, तोड़फोड़ और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस इन घटनाओं की वैज्ञानिक जांच करेगी और अगर कोई शामिल पाया जाता है, तो चाहे वह किसी भी पद पर हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
यूनिवर्सिटी कैंपस में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा के यौन उत्पीड़न की सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बाद ये विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए। यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें मनगढ़ंत अफवाहें बताया है।
छात्रों की मांगों में आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी, कैंपस में यौन उत्पीड़न और आत्महत्या के पुराने मामलों की जांच, उस हॉस्टल के वार्डन का इस्तीफा जहां अपराध हुआ था और एलपीयू के चांसलर व बीजेपी राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल द्वारा प्रदर्शनकारियों से सीधे बात करना शामिल है।
पुलिस जांच के हिस्से के तौर पर सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है, हालांकि पीड़िता की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इसके साथ ही मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं।
एलपीयू मैनेजमेंट ने एक बयान में कहा कि यूनिवर्सिटी में पूरे भारत और लगभग 50 देशों से छात्र पढ़ने आते हैं और उनके भरोसे, सुरक्षा, सम्मान और भलाई की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यूनिवर्सिटी ने कहा, "असामाजिक तत्वों ने लोगों की बढ़ी हुई भावनाओं का फायदा उठाया, जिससे यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और कामकाज में बाधा आई। एलपीयू समुदाय में ऐसे व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है।" यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि बाहरी घुसपैठियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।













