पटना। बिहार में मतगणना की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मतगणना के दौरान लंबित मतों को लेकर अपनी आशंकाएं जाहिर कीं और मांग की कि उनकी स्थिति पहले राउंड में ही स्पष्ट की जाए। इस संबंध में राजद की ओर से 10 सूत्री मांगपत्र भी सौंपा गया।राजद विधायक रणविजय साहू ने मुलाकात के बाद बताया कि प्रतिनिधिमंडल चुनावी मतगणना को लेकर अपनी शंकाओं और चिंताओं से निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराने पहुंचा था। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि मतगणना पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो, ताकि किसी भी तरह के संदेह की गुंजाइश नहीं रहे।

रणविजय साहू ने कहा कि राजद को आशंका है कि लंबित मतों को लंबे समय तक स्पष्ट नहीं किए जाने से मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। उन्होंने मांग की कि लंबित मतों की स्थिति पहले राउंड में ही स्पष्ट कर दी जाए और उसके बाद ही दूसरे राउंड की मतगणना शुरू की जाए।

विधायक ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि मतगणना पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि इस संबंध में सर्कुलर जारी किया गया है और मतगणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराई जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल ने मतगणना की प्रक्रिया को स्पष्ट, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 10 सूत्री मांगपत्र सौंपा। राजद नेताओं ने निर्वाचन पदाधिकारी से आग्रह किया कि मतगणना के दौरान सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए और लंबित मतों को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।

साहू ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने लोकतंत्र की रक्षा और संविधान की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से निर्वाचन पदाधिकारी का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित कराया है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार मतगणना निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है।