नई दिल्ली, 10 मई । पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर शनिवार को हुई ईडी की छापेमारी पर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि कि ईडी की छापेमारी के पीछे की सोच है कि संजीव अरोड़ा भाजपा में शामिल हो जाएं, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मेरा मानना है कि इसे ही अवसरवादिता कहते हैं। अगर आप पृष्ठभूमि देखें, तो संजीव अरोड़ा पहले राज्यसभा में थे। वे वहां मंत्री भी थे। यह स्पष्ट नहीं है, शायद ईडी रेड के पीछे यह सोच हो कि जब वे (संजीव अरोड़ा) दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार हैं।"
टीवीके प्रमुख विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर मनोज झा ने कहा, "मैंने भी शपथ ग्रहण समारोह देखा है। आज से उनकी असली परीक्षा शुरू होती है। उनके सामने चुनौतियां हैं। वे कितने असरदार तरीके से उन चुनौतियों को अवसरों में बदल पाते हैं, यह देखने के लिए तमिलनाडु के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"
पंजाब के मंत्रियों के आवास पर ईडी की छापेमारी को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, "2014 से जब केंद्र में भाजपा सरकार सत्ता में आई, तब से सरकारी एजेंसियों और खुफिया तंत्र का लगातार दुरुपयोग किया जा रहा है। इस तरह दुरुपयोग करना सही नहीं है। हाथ में सत्ता आ जाने के बाद इसका गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।"
मनीष तिवारी ने कहा, "2014 से 2026 तक जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है, तभी से निरंतर सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग का दुरुपयोग अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ किया जा रहा है। विपक्ष को मिलकर इस पर आम राय बनाने की जरूरत है। इस लोकतंत्र को पूरी तरह कुचला जा रहा है।"
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मूल बात यह है कि जब मैंने दिसंबर 2025 में लोकसभा में चुनावी सुधारों पर बहस शुरू की थी, तब मैंने कहा था और आज भी मेरा यही मानना है कि न तो संविधान और न ही कोई कानून (जिसमें 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' भी शामिल है) चुनाव आयोग को पूरे राज्य या पूरे देश में एसआईआर आयोजित करने की अनुमति देता है।"




