पेरिस, 31 मई । फ्रांस ने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के आक्रामक रुख के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी यूएनएससी से आपात बैठक बुलाने की अपील की है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन नोएल बारो ने ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली कब्जे पर चिंता जताई है।
फ्रांस के विदेश मंत्री ने बीएफएमटीवी चैनल से बातचीत में अपनी फिक्र जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। हम इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को स्वीकार करते हैं, जैसा कि हर देश को है, लेकिन लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों की निरंतरता और लेबनानी क्षेत्र पर उसके बढ़ते कब्जे को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।”
बारो ने कहा कि लेबनान में इजरायल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई और लेबनानी क्षेत्र में दर तक प्रवेश को लेकर फ्रांस फिक्रमंद है।
रविवार सुबह इजरायल की ओर से दावा किया गया कि उसकी सेना ने रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण दक्षिणी लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है। कुछ तस्वीरें भी जारी की गईं। इनमें सैनिकों की चहलकदमी के साथ ही किले पर फहराते दो झंडे दिखे। एक इजरायल का था तो दूसरा सेना की उस टुकड़ी का जिसने 1982 में भी इस पर कब्जा किया था। उस टुकड़ी को गोलानी ब्रिगेड के नाम से जाना जाता है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे बड़े बदलाव के तौर पर प्रोजेक्ट किया। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि इजरायल पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। नेतन्याहू ने कहा, “ब्यूफोर्ट पर कब्जा एक महत्वपूर्ण चरण और हमारी नीति में बड़ा बदलाव है। अब मेरा निर्देश है कि उन क्षेत्रों पर हमारी पकड़ और मजबूत तथा व्यापक की जाए, जो पहले हिज्बुल्लाह के नियंत्रण में थे।”
उन्होंने कहा, “आज हम ब्यूफोर्ट में अलग तरीके से लौटे हैं। हम एकजुट, दृढ़ संकल्प के साथ और पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर लौटे हैं। हमने भय की दीवार को तोड़ दिया है। अब पहल हमारे हाथ में है। हम सीरिया, गाजा और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर कार्रवाई कर रहे हैं। अपने समुदायों की सुरक्षा के लिए हमने अपनी सीमाओं से बाहर सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए हैं।”
नेतन्याहू से पहले देश के रक्षामंत्री इजराइल काट्ज ने भी सैनिकों की प्रशंसा करते हुए इसे रणनीतिक जीत करार दिया था।




