भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर समीक्षा और संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दतिया के नतीजों के बाद मचे सियासी घमासान के बीच बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहली बार दिल्ली पहुंचे। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से उनके निवास पर मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में अहम चर्चा हुई।
बंद कमरे में चर्चा और फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट प्रस्तुत
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को दतिया उपचुनाव में हार के मुख्य कारणों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।
- हार की समीक्षा: मुलाकात के दौरान दतिया उपचुनाव के लिए गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर हार की प्रमुख वजहों को सामने रखा गया।
- भूमिका का ब्यौरा: टिकट वितरण से लेकर चुनाव परिणाम आने तक पार्टी के स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों व भूमिका से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत कराया गया।
- वरिष्ठ नेताओं का दौर जारी: दतिया के परिणाम के बाद से ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी केंद्रीय नेतृत्व से अलग-अलग मुलाकात कर चुके हैं।
संगठन में बड़े बदलाव और कसावट के संकेत
दतिया उपचुनाव के नतीजों को प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने बेहद गंभीरता से लिया है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट काटे जाने और उसके बाद उपजी आंतरिक गुटबाजी पर भी पार्टी के भीतर लगातार मंथन चल रहा है।
माना जा रहा है कि दिल्ली में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद मध्य प्रदेश बीजेपी संगठन में अनुशासन मजबूत करने और कसावट लाने के उद्देश्य से आने वाले दिनों में कुछ बड़े सांगठनिक बदलाव किए जा सकते हैं।




