नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को कुंठित और विक्षिप्त नेता कहा है। भाजपा की ये प्रतिक्रिया राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का जिक्र करते हुए अशोभनीय टिप्पणी की थी।


सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि अपनी बदतमीजी, अनियंत्रित व्यवहार और मनमानी से संसद सत्र को पूरी तरह बाधित और अस्त-व्यस्त करने के ठीक बाद, कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक मंच से राहुल गांधी ने जो असभ्य, अशोभनीय और निंदनीय भाषा इस्तेमाल की, उससे पता चलता है कि शायद गहरी निराशा में राहुल गांधी सारी हदें पार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों से साफ पता चलता है कि संसद सत्र के दौरान और उसके बाद कांग्रेस के इस मंच से, अब ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के लोकतंत्र और स्वस्थ लोकतांत्रिक संस्कृति के लिए सीधी चुनौती बन गए हैं।


उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में एक दिन पहले गुरुवार का दृश्य विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारत की विदेश नीति के बारे में बेहद अनुचित टिप्पणी करने के ठीक बाद दो लोगों को एक-दूसरे को गले लगाते देखा गया। एक तरफ संदीप दीक्षित थे, जिन्होंने कहा था कि भारत के सेना प्रमुख 'सड़क छाप गुंडे' हैं। और दूसरी तरफ राहुल गांधी थे, जो जेएनयू गए थे और 'भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह' जैसे नारे लगाने वालों का समर्थन किया था।


भाजपा नेता ने कहा कि देश की जनता को समझना चाहिए कि ये दो लोग (राहुल गांधी और संदीप दीक्षित) मिलकर मां भारती के सपूत प्रधानमंत्री मोदी के लिए इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, कि अब देश को समझना चाहिए कि कौन देश के हित की बात कर रहा है और कौन गहरे षड्यंत्र का हिस्सा बन रहा है। राहुल गांधी की उद्दंडता अब विक्षिप्तता में बदलती जा रही है। यह भी स्पष्ट समझ आ रहा है कि ऐसा लगता है कि वो अब अपना संतुलन खोते जा रहे हैं। पहले ये लगता था कि वो माओवादी और मुस्लिम-लीगी नेताओं के साथ कंप्टीशन कर रहे हैं, लेकिन अब ऐसा लगता है कि वो शायद गालीबाजी और गालीबाजी की रीलबाजी करने वाले कमीडियंस के साथ कंप्टीशन कर रहे हैं।


भाजपा सांसद ने आगे कहा कि आज देश को यह तय करना है कि जो कुछ राहुल गांधी ने किया और कहा, क्या वो एक कुंठित, विक्षिप्त और प्रधानमंत्री के लिए ईर्ष्या से भरे हुए पक्की दाढ़ी वाले चिरव्याकुल जवान की बचकानी हरकत है या ये सीमापार के तार से जुड़े किसी व्यक्ति की शैतानी हरकत है?