बालाघाट। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बालाघाट जिले के महामारी प्रभावित ग्राम कुण्डेकसा, बोनदारी और कोरका का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल पहुंचकर भर्ती बीमार मासूम बच्चों का हालचाल जाना और उनके उपचार तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।

नेता प्रतिपक्ष ने पीड़ित परिजनों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बीते कई दिनों से दूषित पानी और संक्रमण के कारण गंभीर बीमारी फैली हुई है, जिससे आसपास के गांवों में अब तक 19 बच्चों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने के बजाय लीपापोती करने में जुटा हुआ है। बैगा आदिवासी बहुल इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव और बदहाल स्थिति पर नेता प्रतिपक्ष ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

उमंग सिंघार ने कहा कि दूषित पेयजल और कुपोषण के चलते गांवों में हालात बेहद चिंताजनक बन चुके हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक, खासकर बच्चों का तत्काल व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। इसके अलावा बीमार बच्चों को उच्च स्तरीय और निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए तथा प्रभावित बस्तियों में शुद्ध पेयजल व पर्याप्त पोषण की तुरंत व्यवस्था की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए।

नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर हुई घोर लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि बैगा आदिवासियों की मौत पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है, जबकि इन क्षेत्रों में मासूमों की जान बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है।

इस दौरे के दौरान नेता प्रतिपक्ष के साथ विधायक संजय उईके, मधु भगत, अनुभा मुंजारे और विवेक विक्की पटेल भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।