राजनगर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की राजनगर जनपद पंचायत कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 'सेवा सेतु अभियान' के तहत विशेष जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया था। 17 सितंबर से चल रहे सेवा पखवाड़े के तहत लगाए गए इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना था। हालांकि, शिविर में व्यापक प्रचार-प्रसार के बावजूद उम्मीद के मुताबिक आमजन की उपस्थिति नहीं रही और अधिकांश कुर्सियां खाली नजर आईं। कार्यक्रम स्थल पर लोगों की बेहद कम मौजूदगी देखकर क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटेरिया बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने मंच से ही लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की क्लास लगा दी।
भीड़ उसी दफ्तर में जाती है जहां सुनवाई होती है
विधायक अरविंद पटेरिया ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े लहजे में फटकार लगाते हुए खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि बुरा मत मानिएगा, लेकिन अगर इन कर्मचारियों को हटा दिया जाए तो इससे कहीं अधिक भीड़ तो रोजाना उनके घर पर जुट जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके यहां लोगों के जुटने का एकमात्र कारण यह है कि जनता को भरोसा होता है कि विधायक के पास जाने से उनकी समस्या दूर होगी। विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि भीड़ केवल उसी दफ्तर में पहुंचती है जहां लोगों को विश्वास होता है कि अधिकारी उनकी पीड़ा सुनेंगे; यदि जनता को लगेगा कि दफ्तर में कोई सुनवाई ही नहीं होती, तो कोई अपना काम-धंधा छोड़कर क्यों आएगा।
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मेरे घर भीड़ लगना कोई उपलब्धि नहीं, दफ्तरों में ही निपटाएं समस्याएं
विधायक ने आगे अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि उनके आवास पर भीड़ का जमा होना कोई उनकी निजी तारीफ या उपलब्धि का विषय नहीं है। वे ऐसे जनप्रतिनिधि नहीं हैं जो यह चाहें कि आम नागरिक उनके दर पर चक्कर काटे। उनके घर भीड़ बढ़ने की असली वजह यही है कि प्रशासनिक दफ्तरों में लोगों के काम समय पर नहीं होते। उन्होंने अफसरों से कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने दफ्तरों में बैठकर जनता की समस्याओं का स्थायी समाधान करें ताकि किसी भी गरीब और जरूरतमंद को उनके पास आने की नौबत ही न पड़े।
163 आवेदनों पर हुई कार्रवाई, संबल योजना के तहत बांटे 2 और 4 लाख के चेक
विवाद और फटकार के बाद विधायक अरविंद पटेरिया ने मीडिया से औपचारिक बातचीत करते हुए शिविर की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 163 आवेदन दर्ज किए गए। इनमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 74, संबल योजना के 57 और अनुग्रह सहायता के 32 प्रकरण शामिल रहे। शिविर के दौरान ही संबल योजना के पात्र हितग्राहियों को 2 लाख और 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि के चेक विधिवत वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त विधायक ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी वास्तविक पात्र वंचित परिवारों के नाम प्राथमिकता के आधार पर जोड़े जाएं।
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स्वास्थ्य विभाग ने लगाया रक्तदान शिविर, प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
इस आयोजन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ डॉ. अवधेश चतुर्वेदी के संयोजन और देखरेख में एक रक्तदान शिविर भी संपन्न हुआ। इसमें बीएमओ डॉ. अवधेश चतुर्वेदी, भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश पटेल, रज्जू वर्मा और शिवराम द्विवेदी सहित कई युवाओं व कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस पूरे कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजनगर मंडल अध्यक्ष कमलेश पटेल, बमीठा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र अवस्थी, जनपद सीईओ राकेश शुक्ला, तहसीलदार धीरज गौतम सहित क्षेत्र के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।












