नई दिल्ली। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो की भारत में मेजबानी की। अमेरिकी पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो, अमेरिका-भारत की अहम रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच सेनाओं के आपसी सहयोग को मजबूत करने के लिए 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक भारत के दौरे पर हैं।सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कर लिखा, "भारत में एडमिरल सैमुअल पापारो की मेजबानी करना सम्मान की बात है। अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य नेताओं में से एक, एडमिरल पापारो अमेरिकी प्रशांत कमान (यूएस पैसिफिक कमांड) का नेतृत्व करते हैं, जो देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी भौगोलिक लड़ाकू कमान है। यह कमान लगभग आधी दुनिया में फैले क्षेत्र में लगभग चार लाख सैन्य और असैन्य कर्मियों की निगरानी करती है।"

सर्जियो गोर के अनुसार, इस दौरान एडमिरल पापारो ने भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, वायु सेना के उप-प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ भारतीय रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। गोर ने कहा कि यह शाम अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी की बढ़ती मजबूती, महत्वाकांक्षा और महत्व को दर्शाती है।

अपने छह दिवसीय भारत दौरे पर एडमिरल पापारो साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, उभरती प्रौद्योगिकियों, क्षेत्रीय रणनीतिक स्थिरता और हिंद-प्रशांत में समुद्री सहयोग पर चर्चा करेंगे।

इससे पहले एडमिरल पापारो ने रविवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मिलकर खुशी हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हमारी सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।"

एडमिरल सैमुअल जे. पापारो शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा का मकसद भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है। सर्जियो गोर ने भारत पहुंचने पर एडमिरल पापारो का गर्मजोशी से स्वागत किया।