नई दिल्ली। देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों और कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बैंकों में '5-डे वर्किंग' और छुट्टियों से जुड़े नियमों को लेकर 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टल गई है। रविवार देर रात इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक कर्मचारियों के संयुक्त मंच 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' (UFBU) के बीच हुई मैराथन बैठक में हड़ताल स्थगित करने का अहम निर्णय लिया गया। बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों और शनिवार की छुट्टियों के मुद्दे पर समाधान तलाशने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने पर सहमति बनी है। सोमवार सुबह से देश के सभी सरकारी व निजी बैंकों की शाखाओं में कामकाज पूरी तरह सामान्य रहेगा। इससे पहले आशंका जताई जा रही थी कि लगातार तीन दिनों तक बैंकों में ताले लटकने से चेक क्लीयरेंस, कैश लेन-देन और ड्राफ्ट जैसी शाखा आधारित सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती थीं।


देर रात 9:30 बजे हुई बैठक, हाई लेवल कमेटी करेगी समाधान

हड़ताल की पूर्व संध्या पर रविवार रात करीब 9:30 बजे प्रबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन 'इंडियन बैंक एसोसिएशन' (IBA) और 7 प्रमुख बैंक यूनियनों के प्रतिनिधि संगठन 'UFBU' के बीच आपात बैठक बुलाई गई थी। बातचीत के दौरान बैंक यूनियनों ने सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज और शनिवार-रविवार को अवकाश (5-डे वर्किंग) की अपनी पुरानी मांग को प्रमुखता से रखा। लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी कि शनिवार की छुट्टियों और काम के घंटों के पुनर्गठन के मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाएगी, जो सभी कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को लेकर भी IBA सरकार के समक्ष संशोधित प्रस्ताव रखेगा।


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7 बड़ी यूनियनों के 90% कर्मचारी होने वाले थे शामिल

इस देशव्यापी हड़ताल में देश की 7 प्रमुख बैंक यूनियनें—AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल होने जा रही थीं। इन संगठनों के दायरे में देश के 90 प्रतिशत से अधिक बैंक कर्मचारी और अधिकारी आते हैं। यूनियनों का कहना था कि पिछले वेतन समझौते के समय से ही 5-डे वर्किंग की मांग लंबित चल रही है, जबकि सरकार और वित्त मंत्रालय के सूत्रों का तर्क रहा है कि सैलरी रिवीजन के समय इस पर कोई आधिकारिक सहमति नहीं बनी थी।


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पीएलआई (PLI) बोनस के नए नियमों पर भी रार

5-डे वर्किंग के अलावा हड़ताल का एक बड़ा कारण बोनस यानी परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के नियमों में हुआ हालिया बदलाव भी है। सरकार ने स्केल-4 और उससे ऊपर के उच्च अधिकारियों के लिए बेहतर कार्य प्रदर्शन पर 365 दिन की बेसिक सैलरी तक इंसेंटिव देने का नया नियम बनाया है। यूनियनें इसे अधिकारियों और सामान्य कर्मचारियों के बीच भेदभावपूर्ण बताते हुए इसका विरोध कर रही हैं।


हड़ताल की तैयारी के चलते 10 साल बाद रविवार को खुले थे बैंक

इस प्रस्तावित हड़ताल का एक अभूतपूर्व असर यह देखने को मिला कि हड़ताल की पूर्व तैयारी के रूप में वित्त मंत्रालय के निर्देश पर रविवार को देशभर में बैंक शाखाएं खोली गईं। भारतीय बैंकिंग इतिहास में ऐसा 10 साल बाद हुआ। इससे पहले वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खोले गए थे, ताकि लोग पुराने 500 और 1000 के नोट बदल सकें और जमा कर सकें। रविवार को बैंक खुलने के बाद देर रात हड़ताल टलने की घोषणा से वित्तीय क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं ने बड़ी राहत की सांस ली है।