नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले पैरा एथलीट्स सोमवार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री (एमओएस) बीएल वर्मा से मिले। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बुके और शॉल देकर सम्मानित किया।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने एथलीट्स को संबोधित करते हुए कहा, "भारत के लिए मेडल जीतने पर आपको दिल से बधाई। ग्लास्गो में आपने मेडल जीतकर सभी देशवासियों को गदगद किया है। सभी को आप पर गर्व है।"
वहीं, पैराथलीट्स ने कहा कि भारत के लिए मेडल जीतना उनके लिए गर्व की बात है। देश के लिए खेलना और तिरंगे का सम्मान बढ़ाना सबसे बड़ी खुशी है। केंद्रीय राज्यमंत्री से मुलाकात और सम्मान मिलने पर खिलाड़ियों ने खुशी जताई और कहा कि इस तरह का प्रोत्साहन उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मेंस शॉट पुट एफ57 इवेंट में देश के लिए गोल्ड जीतने वाले सोमन राणा ने 'आईएएनएस' से कहा, "हमारे लिए यह बहुत गर्व और खुशी की बात है, क्योंकि गेम्स में हिस्सा लेने के बाद प्रधानमंत्री और सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री से मिलना और उनसे प्रेरणा पाना हमें बहुत खुशी और गर्व से भर देता है। ऐसी प्रेरणा मिलने से हमें भविष्य के गेम्स में और भी मेडल जीतने का जोश मिलता है।"
इसी इवेंट के सिल्वर मेडलिस्ट शुभम जुयाल ने कहा, "मैं एक फौजी और पैरा एथलीट हूं। हम हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए ग्लासगो गए थे, जहां मैंने सिल्वर मेडल जीता, और गोल्ड मेडल भी भारतीय आर्मी के नाम रहा। ग्लासगो का माहौल बहुत शानदार था। हमें ग्लासगो में रहने वाले सभी भारतीय समर्थकों और स्थानीय भारतीय समुदाय से बहुत ज्यादा समर्थन मिला। हमारे पैरा-एथलीट्स ने जोड़ियों में मेडल जीते—गोल्ड और सिल्वर, गोल्ड और सिल्वर—तो यह एक बेहतरीन प्रदर्शन रहा। अगर आप 2002 से अब तक के रिकॉर्ड देखें, तो पहले ग्लास्गो से पहले कुल 6 मेडल जीते थे, जबकि इस अकेले संस्करण में हमने इस आंकड़े को पार कर लिया। भारत में पैरा-स्पोर्ट्स शानदार तरक्की कर रहा है।"
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के विमेंस शॉट पुट एफ57 में गोल्ड मेडल जीतने वालीं पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कहा, "कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में यह हमारा पहला गोल्ड है। अपने देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर मुझे बहुत खुशी हो रही है।"




