भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट कटने के बाद भड़के भारी आक्रोश और बगावत को शांत करने के लिए एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल मुलाकात हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और नरोत्तम महाराज के बीच बंद कमरे में यह महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बंद कमरे में चली इस रणनीतिक चर्चा के दौरान दतिया के नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने, सामूहिक इस्तीफे वापस करवाने और पार्टी के घोषित उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की जीत सुनिश्चित करने को लेकर गहन मंथन हुआ है।
भोपाल पहुंचे नरोत्तम मिश्रा बोले– पार्टी जो करती है, अच्छा करती है
दतिया उपचुनाव का टिकट कटने के बाद उपजे भारी सियासी घमासान और कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफों के बीच पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा राजधानी भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल पहुंचते ही मीडिया ने उन्हें घेर लिया और दतिया के हालातों को लेकर तीखे सवाल किए। दतिया में कार्यकर्ताओं की भारी नाराजगी और 24 घंटे के अल्टीमेटम (चेतावनी) के बावजूद नरोत्तम मिश्रा पूरी तरह संयत नजर आए। उन्होंने एक ओर जहाँ बी-फॉर्म (नामांकन पत्र) खरीदने की बात स्वीकार की, वहीं दूसरी ओर आधिकारिक प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को अपना समर्थन देने का बड़ा ऐलान कर सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की।
हाँ, मैंने बी-फॉर्म खरीदा है; लेकिन करेंगे पार्टी का ही काम
पत्रकारों द्वारा जब सीधा सवाल किया गया कि क्या उन्होंने उपचुनाव के लिए बी-फॉर्म खरीदा है, तो डॉ. मिश्रा ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा, "हाँ, यह बिल्कुल सच है कि मैंने बी-फॉर्म खरीदा है।" हालांकि, जब उनसे आगे की रणनीति और निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "हमारी कोई अलग रणनीति नहीं है, हम सिर्फ पार्टी का काम करेंगे महाराज।" इस दौरान पत्रकारों ने उनकी आँखों में आए आंसुओं का भी जिक्र किया, जिस पर उन्होंने बात को संभालते हुए कहा कि रोने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर बोले- "दिल का रिश्ता है, वे मान जाएंगे"
दतिया में कार्यकर्ताओं द्वारा टिकट न बदलने पर दी गई 24 घंटे की चेतावनी और सामूहिक इस्तीफों पर पूर्व गृहमंत्री ने कहा, "दतिया के कार्यकर्ता हमारे अपने हैं। उनसे मेरा दिल का रिश्ता है और यह रिश्ता हमेशा दिल का ही रहेगा। नाराजगी में उन्होंने भावुक होकर कुछ बातें बोली होंगी, लेकिन मैं खुद उनसे लगातार संवाद कर रहा हूँ और वे मेरी बात मानेंगे। पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने का एक तरीका होता है। सब धीरे-धीरे सामान्य (नॉर्मल) हो जाएगा और सभी कार्यकर्ता पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।"
आशुतोष तिवारी मेरे परिवार के
टिकट कटने के दर्द को दबाते हुए डॉ. मिश्रा ने पार्टी के फैसले का सम्मान किया। उन्होंने कहा, "पार्टी जो भी निर्णय लेती है, वह बहुत अच्छा करती है और काफी दूर तक सोचकर करती है। हम इंसान केवल अपने तक ही सोच पाते हैं, लेकिन पार्टी सबके हित की सोचती है।" जब उनसे नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के उस बयान के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताया था, तो डॉ. मिश्रा ने भावुक होकर कहा, "आशुतोष बिल्कुल सही कह रहे हैं, हम दोनों एक ही परिवार के अंग हैं। हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े हैं और मिलकर क्षेत्र में डूबकर काम करेंगे।" नरोत्तम मिश्रा के इस बयान के बाद अब दतिया भाजपा के भीतर मची बगावत के शांत होने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके समर्थक इस फैसले को कितनी सहजता से स्वीकार करते हैं।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद दतिया में भड़के अभूतपूर्व राजनैतिक असंतोष को थामने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दतिया जिला प्रशासन द्वारा तत्काल प्रभाव से धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) लागू कर दी गई है। इसके साथ ही चक्काजाम और उग्र प्रदर्शनों के बाद अब दतिया में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांत बनी हुई है। भारी पुलिस बल शहर के मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर रहा है।
बता दें कि मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जिले में हालात बेहद बेकाबू हो गए हैं। शुक्रवार शाम जैसे ही पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने की खबर फैली, उनके समर्थक और कार्यकर्ता उग्र हो गए। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें जमकर पथराव, चक्काजाम और पुलिस के साथ सीधी झड़पें शुरू हो गईं। शनिवार सुबह हालात को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे दतिया जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्रित होने पर भी रोक लगा दी गई है।
कौन हैं भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी? जानिए उनका राजनीतिक सफर
संलग्न दस्तावेजी विवरण के अनुसार, दतिया उपचुनाव के लिए घोषित किए गए भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी मूल रूप से दतिया जिले की भांडर तहसील के ग्राम पिपरौआ के रहने वाले हैं। उनका राजनीतिक और संगठनात्मक सफर काफी लंबा रहा है:
वर्ष 2004: वे ग्राम भारती के जिलाध्यक्ष के रूप में सक्रिय राजनीति में आए।
वर्ष 2006 (लगभग): संगठन में उनके काम को देखते हुए उन्हें पहले जिला संगठन मंत्री और बाद में संभागीय मंत्री की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।
वर्ष 2020: शिवराज सरकार के कार्यकाल में उन्हें मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल (एमपी हाउसिंग बोर्ड) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहाँ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
वर्ष 2023: उन्होंने मुख्य विधानसभा चुनाव के दौरान सेवढ़ा सीट से टिकट के लिए मजबूत दावेदारी पेश की थी, लेकिन तब पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। अब पार्टी आलाकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए दतिया से मैदान में उतारा है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का पूरा कार्यक्रम (शेड्यूल)
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई आधिकारिक समय-सारणी के अनुसार, दतिया सीट पर होने वाले इस हाई-प्रोफाइल उपचुनाव की पूरी रूपरेखा इस प्रकार है:
उपचुनाव की अधिसूचना: 6 जुलाई को जारी की जा चुकी है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि: 13 जुलाई तय की गई है।
नामांकन पत्रों की जांच: 14 जुलाई को स्क्रूटनी की जाएगी।
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 16 जुलाई निर्धारित है।
मतदान (पोलिंग): 30 जुलाई को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
मतगणना (नतीजे): 3 अगस्त को वोटो की गिनती के साथ ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।













