श्योपुर, उत्तम सिंह। चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को क्षेत्र के किसानों ने किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला के नेतृत्व में श्योपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर एस.एल. शाक्य एवं जल संसाधन विभाग के ईई चैतन्य चौहान को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कोटा बैराज से चंबल मुख्य दाहिनी नहर में 3200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने और खरीफ सीजन को देखते हुए नहर को लगातार 100 दिनों तक चलाने की मांग की।


किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने कहा कि चंबल का पानी श्योपुर जिले के अंतिम छोर तक पहुंचाना जरूरी है। मुख्य नहर के साथ सभी उपशाखाओं और माइनर नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके। किसानों ने जल वितरण की प्रभावी निगरानी कर श्योपुर के हिस्से के पानी का पूरा लाभ जिले के किसानों को दिलाने की मांग भी की।


ज्ञापन में करीब 167 करोड़ रुपए की लागत से 35 गांवों के लिए बनाई गई चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। किसानों का आरोप है कि परियोजना की टेस्टिंग के दौरान मेन लाइन सहित कई स्थानों पर लीकेज सामने आए हैं। उन्होंने परियोजना की तकनीकी गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराकर अनियमितता या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित कंपनी, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।


इसके अलावा करीब 415 करोड़ रुपए की मूझरी बांध परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग भी किसानों ने की। किसानों के अनुसार बांध बनने से क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और भूजल स्तर में सुधार होगा। निर्माण में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने के साथ ही किसानों के हित में मूझरी बांध परियोजना में ओपन नहर प्रणाली विकसित करने की मांग की गई, जिससे सिंचाई का पानी अधिक से अधिक क्षेत्र और अंतिम छोर तक खेतों में पहुंच सके।


किसानों ने कहा कि चंबल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाने, सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की जांच कराने और मूझरी बांध का निर्माण शीघ्र शुरू कराने को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान सरपंच राममुकेश मीणा, प्रेमसर, कश्मीर सिंह, हरप्रीत सिंह, मंगल सिंह, जसपाल सिंह, गौरीशंकर मीणा, रेशम सिंह, मानसिंह, गुरदेव सिंह, हरदीप सिंह, हरदेव सिंह, दलविंदर सिंह, सुरेश मीणा, रामराज मीणा, हनुमान जैदा, महेंद्र मीणा, ब्रजमोहन मीणा, लक्ष्मण मीणा, रामरूप आसीदा, काकू सिंह, देवकरण, कमल किशोर मीणा, संतोष मीणा, रामरूप मीणा, मुकेश मीणा, विक्रम सिंह, सोनू, अखिलेश मीणा, कैलाश मीणा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।