रायसेन , देवेन्द्र मिश्रा। सिविल अस्पताल सिलवानी में हाल ही में हुई नियुक्तियों को लेकर बेरोजगार युवाओं ने शुक्रवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाते हुए नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित रूप से हुई अनियमित नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग की है।


ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान सिविल अस्पताल सिलवानी में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं, लेकिन इन नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव रहा है। युवाओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया की जानकारी व्यापक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई, जिसके कारण क्षेत्र के कई पात्र और बेरोजगार युवाओं को आवेदन करने का अवसर नहीं मिल सका।


ज्ञापन सौंपने वाले युवाओं ने मांग की कि सभी नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित नियुक्तियों को निरस्त कर पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पुनः भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाए, ताकि योग्य एवं बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार का अवसर प्राप्त हो सके। युवाओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


ज्ञापन की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, विदिशा संसदीय क्षेत्र के सांसद, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायसेन को भी प्रेषित की गई है। ज्ञापन देने वालों में कृष्णा, अकलेश, सुमित, अनिकेत लोधी, आशीष, सुमित शेजवार, निखिल सहित अन्य बेरोजगार युवा शामिल रहे।