भोपाल| मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ एक और बेहद सख्त कदम उठाया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के माननीय मंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) श्री अशोक कुमार बाथम को गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस पूरे मामले में ओएसडी के अलावा विभाग के दो अन्य कर्मियों पर भी गाज गिरी है।


समाचार पत्र में छपी रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री और शासन की त्वरित कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई बीते 20 जून 2026 को एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित सनसनीखेज रिपोर्ट के बाद अस्तित्व में आई है। समाचार पत्र में कृषि मंत्री के ओएसडी श्री अशोक कुमार बाथम (मूल पद: सहायक संचालक, कृषि) के खिलाफ तबादलों (ट्रांसफर) के नाम पर अनुचित सौदेबाजी (डील) करने और बड़े पैमाने पर पद के दुरुपयोग से जुड़ी अनियमितताओं के गंभीर आरोप उजागर हुए थे। मामले की गंभीरता और प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों को आधार मानते हुए राज्य शासन ने त्वरित एक्शन लिया।


निलंबन आदेश के प्रमुख बिंदु और शर्ते

मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 6/1/4/0007/2026-Sec-1-14(AGR)-Part(1)) के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है:


  1. संवैधानिक प्रावधान: श्री अशोक कुमार बाथम को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
  2. मुख्यालय में बदलाव: निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका आधिकारिक मुख्यालय भोपाल से हटाकर कार्यालय उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला सीधी (म.प्र.) निर्धारित किया गया है।
  3. भत्ता व नियम: निलंबन काल में नियमानुसार उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश राज्यपाल के नाम से विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी अवनीश मिश्रा द्वारा जारी किया गया है।


ओएसडी के साथ निज सहायक और टाइपिस्ट भी हुए सस्पेंड

शासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ट्रांसफर-पोस्टिंग के इस कथित सिंडिकेट और अनियमितताओं में ओएसडी अकेले शामिल नहीं थे। विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले से जुड़े दो अन्य विभागीय कर्मचारियों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित होने वाले कर्मचारियों में टाइपिस्ट/स्टेनोग्राफर अंकित अवधिया और निज सहायक (PA) दिनेश भाकोरिया शामिल हैं। मोहन सरकार की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से मंत्रालय (वल्लभ भवन) सहित पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।