भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड में पहली बार दो गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों की नियुक्ति के विरोध में सोमवार को राजधानी भोपाल के बुधवारा चौराहे पर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य नियुक्त किया है। वहीं, सनवर पटेल को दोबारा मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। बताया जा रहा है कि देश में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि वक्फ मुस्लिम समाज की धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है, जिसमें लोग अपनी संपत्ति अल्लाह की रजा के लिए वक्फ करते हैं। उनका कहना था कि वक्फ बोर्ड के प्रबंधन में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति उचित नहीं है और इससे वक्फ की मूल भावना प्रभावित होती है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि वक्फ बोर्ड में की गई गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को तत्काल निरस्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो मुस्लिम समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगा।

