भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही वर्षा का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस बीच, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बाढ़ और आकाशीय बिजली गिरने जैसी अप्रिय घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जुलाई का महीना पूरे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान मानसून अपने चरम पर होता है।
9 जिलों में अति भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट', 14 में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को राज्य के 9 जिलों—सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर में मूसलाधार बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इसके साथ ही रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना सहित 14 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, रीवा और सतना समेत शेष जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया गया है।
बालाघाट में नदी के तेज बहाव में बहीं गाड़ियां, पांढुर्णा में वज्रपात से मौत
भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। बालाघाट जिले से आए एक वीडियो में किरनापुर-लांजी क्षेत्र से होकर बहने वाली बाघ नदी के तेज बहाव में कार, जेसीबी (JCB) और लोडर जैसी भारी गाड़ियां बहती हुई दिखाई दे रही हैं। यह नदी महाराष्ट्र की सीमा से लगी हुई है, जहाँ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 1017.24 लाख रुपए की लागत से 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। उधर, पांढुर्णा जिले के पगड़ी गांव से एक दुखद खबर आई है, जहां आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से 48 वर्षीय महिला सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई।
बीते 24 घंटे में 30 से अधिक जिलों में दर्ज हुई झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में जलभराव की स्थिति रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में सबसे ज्यादा करीब 3 इंच पानी छिंदवाड़ा में गिरा। इसके अलावा उज्जैन और बालाघाट में सवा 2 इंच, उमरिया व खजुराहो में 2 इंच, टीकमगढ़ में डेढ़ इंच और सिवनी में 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। श्योपुर, ग्वालियर, गुना, भोपाल, दतिया, मंडला और पचमढ़ी समेत इंदौर, जबलपुर व सागर जैसे बड़े शहरों में भी आधा इंच या उससे अधिक पानी बरसा है।
प्रदेश में अब तक 6% कम बारिश, जुलाई महीने से बड़ी उम्मीदें
पूरे जून महीने में आंधी-बारिश का दौर रहने और 5 जुलाई को हुई तेज वर्षा के बाद प्रदेश में अब तक कुल 163.1 मिमी (करीब 6.4 इंच) पानी गिर चुका है। यह आंकड़ा इस समय की सामान्य बारिश (172.8 मिमी) के मुकाबले 6 प्रतिशत कम है। क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में जहां सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिस्से में औसत से 17 प्रतिशत ज्यादा पानी गिर चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जून का कोटा भले ही कम रहा हो, लेकिन जुलाई के महीने से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि इस अकेले महीने में पूरे मानसून कोटे की करीब एक तिहाई (40 प्रतिशत तक) बारिश हो जाती है। मध्य प्रदेश की औसत सामान्य बारिश 37.3 इंच है, जिसमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों का सालाना औसत 38 से 39 इंच तक रहता है। जुलाई में अमूमन भोपाल में 14 इंच और जबलपुर में सबसे ज्यादा 17 इंच से अधिक बारिश दर्ज होने का पुराना ट्रेंड रहा है।


