मुंबई। अभिनेता देव शर्मा जल्द ही फिल्म 'श्री रामायण कथा' में भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं। हालांकि, इस किरदार को लेकर वह शुरूआत में तैयार नहीं थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि जब रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर बड़े बजट की 'रामायण' पहले से बन रही है, तो एक और रामायण बनाने की जरूरत आखिर क्यों है। इसी दौरान उनके पिता की एक छोटी-सी सलाह ने उनका नजरिया बदल दिया और वह फिल्म की टीम से मिलने पहुंच गए।आईएएनएस से खास बातचीत में देव शर्मा ने उस दिन का किस्सा याद किया, जब उन्हें 'श्री रामायण कथा' में भगवान राम का रोल ऑफर हुआ था। उन्होंने कहा, ''मुझे आज भी याद है, रविवार का दिन था। मैं करीब 11 या 12 बजे आलू के पराठे खा रहा था। तभी फिल्म के निर्देशक अभिषेक सिंह का फोन आया। उन्होंने कहा कि हम 'रामायण' पर एक प्रोजेक्ट बना रहे हैं। मैंने उनसे कहा कि सर, मैं 'रामायण' नहीं करूंगा। मुझे लगा था कि उन्होंने शायद लक्ष्मण या रावण के किरदार के लिए फोन किया होगा।''

देव ने कहा, ''मेरे मन में ऐसा इसलिए आया क्योंकि अब तक मैंने जिन किरदारों को निभाया है, उनमें ज्यादातर किरदार मॉडर्न या फिर काफी लाउड रहे हैं। मुझे लगता था कि ऐसे किरदार मेरी एक्टिंग स्टाइल के ज्यादा करीब हैं। हालांकि जब निर्देशक ने बताया कि मुझे लक्ष्मण या रावण नहीं बल्कि भगवान राम के किरदार के लिए चुना गया है, तो मैं हैरान रह गया। मैंने उनसे अपनी बात दोहराने के लिए कहा।''

देव ने कहा, ''मेरी झिझक की एक बड़ी वजह फिल्म का मुकाबला भी था। मैंने मेकर्स से सवाल किया कि जब करीब 1200 करोड़ रुपए के बड़े बजट में रणबीर कपूर और साई पल्लवी जैसे कलाकारों के साथ एक और 'रामायण' बन रही है, तो इस फिल्म को बनाने की जरूरत क्या है।

जब मैं इस तरह के सवाल कर रहा था, उस वक्त मेरे पिता मेरे पास ही बैठे थे। मेरे पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैंने करीब दो साल पहले अपने पिता को खो दिया था लेकिन उस दिन पिता ने मुझे ऐसी सलाह दी, जिसने सब कुछ बदल दिया।''

देव ने कहा, ''मेरे पापा ने उस वक्त कहा कि इतने सारे सवाल पूछने के बजाय तुम एक बार जाकर उनसे मिल क्यों नहीं लेते? यह सलाह मेरे लिए इसलिए भी खास थी क्योंकि मैं उस रविवार को अपने पिता के साथ समय बिताने की सोच रहा था। मैंने उनकी बात मानी और फिल्म की टीम से मिलने चला गया।''

फिल्म के बारे में बात करते हुए देव ने कहा, '''श्री रामायण कथा' की कोशिश रामायण की कहानी की मूल भावना और प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए आज की पीढ़ी से जुड़ने की है। फिल्म में कहानी का आधार वही रखा गया है, जिसे लोग सालों से सुनते, पढ़ते और देखते आए हैं। हालांकि, फिल्म में ऐसा भी बहुत कुछ है, जो इसे बाकी रामायण प्रोजेक्ट्स से थोड़ा अलग बनाता है।"

'श्री रामायण कथा' 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।