नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) ऐसी समस्या है, जो कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के लंबे समय तक शरीर में बनी रह सकती है। व्यक्ति रोजमर्रा का काम सामान्य तरीके से करता रहता है और उसे महसूस भी नहीं होता कि बढ़ा हुआ रक्तचाप धीरे-धीरे उसके दिल, रक्त वाहिकाओं और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। यही वजह है कि हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है।हाई ब्लड प्रेशर का पता लगाने का सबसे आसान तरीका नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करना है। खासकर जिन लोगों को पहले से उच्च रक्तचाप है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसकी निगरानी करते रहना चाहिए। नियमित जांच से ब्लड प्रेशर में होने वाले बदलावों पर समय रहते ध्यान दिया जा सकता है।
शारीरिक रूप से सक्रिय रहना स्वस्थ रक्तचाप बनाए रखने में मदद कर सकता है। रोज करीब 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम, दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को भी कम करने की कोशिश करें।
ज्यादा नमक का सेवन रक्तचाप बढ़ सकता है। इसलिए खाने में नमक की मात्रा कम करना जरूरी है। संतुलित और पौष्टिक आहार लें तथा संतृप्त और ट्रांसफैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। फल, सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
अगर डॉक्टर ने हाई ब्लड प्रेशर की दवा लिखी है, तो उसे अपनी मर्जी से बंद या कम नहीं करना चाहिए। दवा निर्धारित समय और मात्रा में लेना जरूरी है। कई बार ब्लड प्रेशर सामान्य आने पर लोग दवा छोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इसके अलावा, धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाना दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है। शराब का सेवन करते हैं तो उसे कम करना भी जरूरी है। इसके साथ ही तनाव को कम करने के लिए पर्याप्त नींद, आराम और अपनी पसंद की स्वस्थ गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।




