छतरपुर, विनोद मिश्रा। जिले के शासकीय विद्यालयों में अनुशासनहीनता और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पी.के. रैकवार ने शासकीय कार्य में घोर लापरवाही, उपेक्षा और अनुशासनहीनता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए तीन प्राथमिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर प्रसारित वीडियो व छायाचित्रों की प्राथमिक जांच के उपरांत यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

पहले मामले में शाला समय के दौरान मासूम विद्यार्थियों के सामने सोने के दो अलग-अलग प्रकरण सामने आए थे। हरपालपुर अंतर्गत शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला बोदी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक राघवेंद्र सिंह का शाला समय में बच्चों के सामने सोते हुए वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वहीं शासकीय प्राथमिक शाला कदारी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक रेखा मानव का भी 15 सितंबर को स्कूल समय में विद्यार्थियों के सामने सोने का वीडियो सामने आया था। दोनों कृत्यों को बेहद आपत्तिजनक और शासकीय दायित्वों के प्रति घोर उपेक्षा मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन पर दोनों को निलंबित किया गया है। राघवेंद्र सिंह का निलंबन मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय राजनगर तथा रेखा मानव का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिजावर नियत किया गया है।

दूसरे गंभीर प्रकरण में राजनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला भवानीपुरा में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक दशराज सिंह परमार का जुआ खेलने का वीडियो प्रसारित हुआ था। वीडियो में शिक्षक दशराज सिंह ग्राम कुरेला बस स्टैंड स्थित एक कोल्ड ड्रिंक्स की दुकान में अन्य व्यक्तियों के साथ ताश के पत्ते खेलते नजर आ रहे थे। इस कृत्य को पदीय दायित्वों के विपरीत और गंभीर कदाचरण मानते हुए डीईओ ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बड़ामलहरा निर्धारित किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार सभी निलंबित शिक्षकों के विरुद्ध विधिवत विभागीय जांच संस्थित की जाएगी और निलंबन काल के दौरान उन्हें मध्यप्रदेश मूलभूत नियम 54 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।