भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बारिश की कमी और फसलों पर कीटों के बढ़ते प्रकोप को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए चिंता जताई कि प्रदेश के 48 जिलों में इस समय सूखे जैसे हालात निर्मित हो चुके हैं, जिससे धान, सोयाबीन और मक्का जैसी मुख्य फसलें बर्बादी की कगार पर पहुँच गई हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार को केवल मौसम के भरोसे बैठकर इंतजार करने के बजाय तुरंत अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।


जबलपुर और उज्जैन संभाग की स्थिति का किया विशेष उल्लेख

अपनी पोस्ट में जीतू पटवारी ने प्रदेश के विभिन्न अंचलों की जमीनी स्थिति का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि जबलपुर जिले में बारिश न होने की वजह से धान के खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने उज्जैन संभाग का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ सोयाबीन की फसल पर इल्ली (कीट) का भीषण हमला हुआ है, जो किसानों की महीनों की मेहनत को तेजी से निगल रहा है।


किसानों की राहत के लिए सरकार के सामने रखीं 4 प्रमुख मांगे

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संकट गहराने से पहले तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने सरकार से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:

  • प्रभावित जिलों में तुरंत विशेष गिरदावरी और फसल नुकसान का व्यापक सर्वे कराया जाए।
  • कीट नियंत्रण के लिए प्रभावी दवाएं किसानों को बिना किसी शुल्क के त्वरित उपलब्ध कराई जाएं।
  • फसल बीमा योजना के तहत दावों का त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए एक निश्चित समय-सीमा घोषित की जाए।
  • फसलों के संभावित नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार तुरंत एक अग्रिम राहत पैकेज जारी करे।


संकट बढ़ने से पहले सरकार किसानों के साथ खड़ी हो

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि आज प्रदेश का किसान आसमान की तरफ देखने के साथ-साथ अपनी सरकार की ओर भी उम्मीद से देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट पूरी तरह से हावी होने के बाद कदम उठाने के बजाय, स्थिति बिगड़ने से पहले ही सरकार को किसानों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने अपनी इस पोस्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी टैग किया है।