तिरुपति (आंध्र प्रदेश)। दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तिरुपति बालाजी में पूज्य बागेश्वर सरकार के तीन दिवसीय छठे राष्ट्रीय ऊर्जा संचयन समागम का शुक्रवार से शुभारंभ हुआ। ब्रह्ममुहूर्त में सीताराम दरबार की आरती, पुष्प अर्पण एवं सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में साधकों ने सहभागिता की।
समागम को संबोधित करते हुए बागेश्वर सरकार ने कहा कि ऊर्जा संचयन समागम केवल तीन दिनों का शिविर नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाली आध्यात्मिक साधना है। इसका उद्देश्य मन और बुद्धि की शुद्धि कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना तथा मानसिक तनाव, नकारात्मक विचारों और विकारों से मुक्ति दिलाना है। उन्होंने कहा कि यह समागम तन की नहीं, बल्कि मन की यात्रा करवाता है, जहां व्यक्ति एक ही स्थान पर रहकर आत्मचिंतन, आत्ममंथन और आत्मविकास की अनेक यात्राएं कर सकता है।
उन्होंने कहा कि मन की शुद्धि और सकारात्मक विचार व्यक्ति को आंतरिक सुख, मानसिक शांति तथा आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। ऊर्जा संचयन समागम वर्तमान में जीने की कला सिखाने के साथ-साथ भविष्य के लिए सही दिशा निर्धारित करने की प्रेरणा देता है। साथ ही जीवन में हुई ज्ञात-अज्ञात गलतियों का आत्ममंथन कर उन्हें सुधारने का अवसर भी उपलब्ध कराता है।
बागेश्वर सरकार ने बताया कि यह उनका छठा राष्ट्रीय ऊर्जा संचयन समागम है। इससे पूर्व देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित समागमों में शामिल हजारों साधकों ने इसके सकारात्मक परिणामों का अनुभव किया है। तीन दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन में साधकों को ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े विभिन्न सत्रों के माध्यम से मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का मार्ग बताया जाएगा।




