पन्ना, अमित सिंह राठौर। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड (ग्लास ब्रिज) में डूबे नर्सिंग छात्र का शव 36 घंटे की लगातार तलाश के बाद गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान 28 वर्षीय कुणाल ठाकुर, पिता अकलू ठाकुर, निवासी नामपुर, जिला समस्तीपुर (बिहार) के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बृहस्पति कुंड की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित क्षेत्रों में निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार कुणाल अपने दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड और ग्लास ब्रिज घूमने आया था। इसी दौरान वह प्रतिबंधित क्षेत्र में झरने के गहरे पानी में उतर गया और तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। लगातार 36 घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे उसका शव पानी में तैरता हुआ मिला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बृहस्पति कुंड में पहले भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रुक पा रही है। लोगों का सवाल है कि जब यह क्षेत्र पहले से ही जोखिमपूर्ण घोषित है, तो प्रभावी बैरिकेडिंग, पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और कड़ी निगरानी की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं की गई।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, युवक की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। यह हादसा एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर रोमांच के साथ सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराना प्रशासन और पर्यटकों, दोनों की साझा जिम्मेदारी है।




