भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने संपदा-2.0 पोर्टल के तहत फेसलेस (ऑनलाइन) रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए बड़े नियमों में बदलाव किया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-6 में संशोधन के बाद अब प्रदेश का कोई भी सब-रजिस्ट्रार किसी भी जिले के फेसलेस दस्तावेजों का पंजीयन कर सकेगा।


इस बदलाव से आम जनता को प्रमुख फायदे

किसी जिले में काम का बोझ अधिक होने पर ऑनलाइन सिस्टम से दस्तावेज दूसरे जिले के उपलब्ध सब-रजिस्ट्रार को स्थानांतरित कर दिए जाएंगे, जिससे रजिस्ट्री तुरंत होगी। आम नागरिक घर बैठे या विदेश में रहकर भी लीज, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, वसीयत, शपथ-पत्र, हलफनामा, शेयर आवंटन पत्र और तलाक विलेख जैसे 75 प्रकार के दस्तावेजों की फेसलेस रजिस्ट्री करा सकेंगे। दफ्तरों में भीड़ घटेगी और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा होगा।


सुरक्षा, सत्यापन और एआई (AI) का उपयोग

रजिस्ट्री प्रक्रिया को धोखाधड़ी से मुक्त रखने के लिए एआई तकनीक और ई-केवाईसी की सख्त व्यवस्था लागू की गई है: पक्षकारों को सत्यापन के लिए अपने आधार नंबर के साथ वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा। वर्चुअल प्रक्रिया के दौरान AI सिस्टम लाइव वीडियो रिकॉर्ड करेगा, जिसमें पक्षकार को सिर हिलाने के निर्देश दिए जाएंगे। सिस्टम वीडियो, आधार फोटो और आईडी फोटो का वास्तविक मिलान करेगा। पक्षकारों को संपदा-2.0 के माध्यम से ई-केवाईसी और ई-साइन पूरा करने के बाद यह इलेक्ट्रॉनिक घोषणा करनी होगी कि वे बिना किसी दबाव के, अपनी स्वेच्छा से पंजीयन करा रहे हैं।


फरवरी 2026 में शुरू हुए साइबर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के माध्यम से अब तक 10 हजार से अधिक फेसलेस पंजीयन किए जा चुके हैं। आधार-लिंक्ड प्रक्रिया लागू होने के बाद से प्रॉपर्टी धोखाधड़ी में 90% तक की कमी का दावा किया गया है।