टीकमगढ़, सोनू विश्वकर्मा। जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में पांच आवेदिकाओं द्वारा कक्षा 12वीं की कूटरचित अंकसूचियां एमपी ऑनलाइन चयन पोर्टल पर अपलोड करना पाया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने संबंधित महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग भोपाल के निर्देशानुसार जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही थी। इसके तहत 20 जून से 4 जुलाई 2025 तक एमपी ऑनलाइन चयन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला स्तरीय दावा एवं आपत्ति निराकरण समिति द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया गया।
सत्यापन के दौरान बाल विकास परियोजना बल्देवगढ़ अंतर्गत पांच आंगनवाड़ी केंद्रों में आवेदन करने वाली महिलाओं की 12वीं की अंकसूचियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में दस्तावेज फर्जी साबित हुए। जिन आवेदिकाओं के नाम सामने आए हैं, उनमें रमपुरा नजदीक हटा निवासी जयमाला लोधी, खुडन सुजानपुरा की ममता यादव, रामगढ़ दोह चक्र-2 की मनीषा विश्वकर्मा, चौधरनखेरा कुडयाला की नीतू राजपूत एवं बैरागढ़ दोह चक्र-2 की सुनीता विश्वकर्मा शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार इन महिलाओं ने चयन प्रक्रिया में लाभ लेने के उद्देश्य से कूटरचित अंकसूचियां पोर्टल पर अपलोड की थीं। मामला उजागर होने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना बल्देवगढ़ को संबंधित थानों में सभी आरोपित आवेदिकाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली, फर्जी दस्तावेज या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में पुलिस जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

