नई दिल्ली। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक और देवताओं का वैद्य कहा जाता है। उन्हें आरोग्य, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस साल 6 नवंबर 2026 को धन्वंतरि जयंती मनाई जा रही है। यह दिन सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि हमें अपनी सेहत को प्राथमिकता देने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की भी सीख देता है।
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की है। मंत्रालय ने भगवान धन्वंतरि की विरासत का उल्लेख करते हुए लोगों से आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा को अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। मंत्रालय का कहना है कि धन-दौलत के साथ सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि असली समृद्धि तभी है, जब व्यक्ति स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सके।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर काम, परिवार और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। अनियमित खानपान, देर रात तक जागना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनाव धीरे-धीरे शरीर पर असर डालने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि बीमारी होने का इंतजार करने के बजाय पहले से ही अपनी सेहत का ध्यान रखा जाए। छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य की नींव रख सकती हैं।
आयुष मंत्रालय ने स्वस्थ जीवन के लिए कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देने की सलाह दी है। सबसे पहले अपने खानपान को बेहतर बनाएं। रोजाना की डाइट में दाल, हरी सब्ज़ियां, मौसमी फल, साबुत अनाज और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। संतुलित और पौष्टिक भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ ऊर्जा भी बनाए रखता है।
दूसरी जरूरी बात है एक नियमित दिनचर्या बनाना। समय पर सोना, सुबह जल्दी उठना, भोजन का सही समय तय करना और पर्याप्त नींद लेना शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही रोजाना कुछ समय शारीरिक गतिविधियों के लिए जरूर निकालें। टहलना, योग, प्राणायाम और हल्का व्यायाम शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा समय-समय पर स्वास्थ्य-जांच करवाना भी जरूरी है। कई बार शरीर में होने वाली परेशानियों का पता शुरुआती दौर में नहीं चल पाता। नियमित हेल्थ चेकअप से संभावित समस्याओं की पहचान समय रहते हो सकती है।
















