भोपाल। जीतू पटवारी ने पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन सरकार अब भी “महंगाई नियंत्रण” के दावे कर जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है और हर वर्ग आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि “अच्छे दिन” के नाम पर महंगाई की मार कब तक जारी रहेगी।
जीतू पटवारी के मुताबिक, सिर्फ चार दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3.90 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसका असर केवल वाहन चलाने की लागत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे बाजार तंत्र पर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ता है, जिससे फल-सब्जियों, राशन, दूध, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी इजाफा होता है। देशभर में 15 मई को पहली बार पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए गए थे। इसके बाद 19 मई को फिर लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। लगातार दो बार हुई वृद्धि के बाद चार दिनों में ईंधन लगभग 3.90 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बढ़ती कीमतों से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और मध्यम वर्ग को हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो गया है। वहीं किसानों पर भी डीजल महंगा होने से सिंचाई, ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों का खर्च बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का बोझ सीधे जनता पर डाला जा रहा है और भाजपा सरकार को ईंधन पर लगने वाले टैक्स कम कर राहत देनी चाहिए।




