वडोदरा। भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने रविवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ 121 रनों की शानदार जीत के बाद हरमनप्रीत कौर, प्रतिका रावल और दीप्ति शर्मा को सराहा। इन खिलाड़ियों ने टीम को 19/2 की नाजुक स्थिति से उबारा और 'विमेन इन ब्लू' को शानदाज जीत दिलाई। भारत ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। सीरीज का अंतिम मैच 28 अक्टूबर को खेला जाएगा।
बीसीए स्टेडियम में खेले गए इस मैच में, शुरुआती तीन ओवरों के भीतर ही स्मृति और शेफाली वर्मा के आउट हो जाने के बाद, हरमनप्रीत और प्रतिका (61 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 124 रन जोड़े। इसके बाद, हरमनप्रीत (126 रन) और दीप्ति (नाबाद 106 रन) ने पांचवें विकेट के लिए 153 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जिससे भारत का स्कोर 328/6 तक पहुंच गया।
मैच के बाद भारतीय कप्तान स्मृति ने कहा, "आज की सबसे अच्छी बात यह रही कि 19/2 के स्कोर से हम 300 से ज्यादा रन तक पहुंचे। इसका पूरा श्रेय हरमन, प्रतिका और दीप्ति को जाता है, जिन्होंने बहुत शानदार बल्लेबाजी की। उन्हें खेलते देखना वाकई बेहतरीन था।"
भारतीय कप्तान ने विशेष रूप से दीप्ति की सराहना करते हुए कहा, "दीप्ति बहुत शानदार बल्लेबाजी कर रही हैं। वनडे वर्ल्ड कप में भी उन्होंने हमारे लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली थीं। दुर्भाग्य से, उनका बल्लेबाजी क्रम ऐसा है कि उन्हें खेलने के लिए ज्यादा ओवर नहीं मिल पाते, लेकिन आज उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाजी की और अपना शतक पूरा किया, उसे देखकर बहुत खुशी हुई।"
स्मृति ने भारत की पूर्णकालिक कप्तान के रूप में अपनी पहली वनडे सीरीज जीती है, उन्होंने बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा (39/4) की भी तारीफ की, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार पारी में चार विकेट चटकाए।
स्मृति ने कहा, "वैष्णवी ने शानदार प्रदर्शन किया। वह अपनी गति और एंगल लगातार बदल रही थीं। उन्हें अपने खेल की बहुत अच्छी समझ है, जो एक कप्तान के तौर पर बहुत काम आती है। बाकी गेंदबाजों ने भी अच्छा साथ दिया। व्हाइट बॉल क्रिकेट में, गर्मी को देखते हुए 4-5 ओवर का स्पेल काफी लंबा होता है। हालांकि, आज उतनी गर्मी नहीं थी। वैसे भी, आप नहीं चाहेंगे कि बल्लेबाज गेंदबाजों के आदी हो जाएं। हमारी बॉलिंग लाइन-अप में इतनी गुणवत्ता है कि वे कभी भी आकर सही जगह पर गेंदबाजी कर सकते हैं। एक बल्लेबाज के तौर पर आप नहीं चाहेंगे कि गेंदबाज बार-बार बदलें।"
उन्होंने दोपहर की गर्मी में जिम्बाब्वे की फील्डिंग की भी जमकर तारीफ करते हुए कहा, "जिम्बाब्वे की फील्डिंग शानदार रही, उन्होंने लगभग 20-30 रन बचाए, खासकर पॉइंट एरिया में। उन्हें फील्डिंग करते देखना बहुत अच्छा लगा। दोपहर के समय वहां सच में बहुत गर्मी थी, लेकिन 50वें ओवर में भी हर गेंद पर डाइव लगाना और पूरी कोशिश करना काबिल-ए-तारीफ है। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने पिछली दो सीरीज में कोई कैच छोड़ा है, जो बहुत अच्छी बात है। यह महिला क्रिकेट के लिए एक अच्छा संकेत है।"
















