मंबई। महाराष्ट्र के मुंबई-भिवंडी स्थित बागेश्वर बालाजी सनातन मठ में गणेश चतुर्थी का महापर्व अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। अपनी ब्रिटेन (लंदन) यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न कर स्वदेश लौटे पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर महाराज) देर रात सीधे मुंबई स्थित सनातन मठ पहुंचे। गणेश चतुर्थी की पावन सुबह मठ परिसर में उनकी पावन उपस्थिति में भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा का विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, प्राण-प्रतिष्ठा और स्थापना का अनुष्ठान संपन्न कराया गया।
भक्तिमय माहौल में गूंजे 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे
प्रतिमा स्थापना के दौरान समूचा सनातन मठ परिसर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव के अनूठे रंग में रंगा नजर आया। बागेश्वर महाराज की अगुवाई में आयोजित इस विशेष पूजनोत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बप्पा की स्थापना के साथ ही समूचा प्रांगण 'गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया' के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा।
सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना
वैदिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश के प्रथम दर्शन कर आरती उतारी और अपने परिवारों की सुख, शांति, समृद्धि व मंगल के लिए प्रार्थना की। इस दौरान बागेश्वर सरकार ने भक्तों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए सनातन संस्कृति और धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देर शाम तक मठ परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा।




