छतरपुर, संजय अवस्थी। मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ ने छतरपुर जिले के प्रवास पर आए प्रभारी मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संघ का मुख्य विरोध शासन द्वारा eHRMS पोर्टल के माध्यम से लागू की जा रही ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर है, जिसे वे तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। कृषि विस्तार अधिकारियों ने अपनी व्यावहारिक समस्याओं को प्रभारी मंत्री के समक्ष विस्तार से रखा, जिस पर मंत्री जी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए मामले को प्रमुख सचिव के समक्ष उठाने की बात कही।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी दिव्या जैन ने अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को साझा करते हुए बताया कि eHRMS पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में कर्मचारियों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आवंटित कार्य क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए रुकने हेतु कोई भी निश्चित मुख्यालय या शासकीय भवन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में विशेष रूप से महिला अधिकारियों के लिए सुरक्षा और ठहराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। बारिश और भीषण गर्मी के मौसम में खुले क्षेत्रों में ड्यूटी करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके अतिरिक्त, किसानों से संपर्क का समय अक्सर सुबह जल्दी या देर शाम 6:00 बजे के बाद होता है, जिसके चलते Late Night फील्ड में रुकना पड़ता है। eHRMS पोर्टल पर अनिवार्य 8 घंटे की उपस्थिति दर्ज कराने की बाध्यता से व्यावहारिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
संघ के प्रतिनिधि मुन्ना लाल अहिरवार ने जिले में स्टाफ की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि वर्तमान में कृषि विस्तार अधिकारियों की संख्या बेहद कम है, जबकि जिले में महिला अधिकारियों की भी अच्छी-खासी संख्या है। कर्मचारियों की कमी के कारण एक-एक अधिकारी के पास 20 से 25 गांवों का प्रभार है। इतनी बड़ी संख्या में फैले गांवों में भ्रमण के लिए न तो कोई शासकीय परिवहन सुविधा है और ना ही ठहरने के लिए कोई हेडक्वार्टर नियत है। ऐसे में प्रतिदिन मुख्यालय पर जाकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
कृषि विस्तार अधिकारियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद प्रभारी मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस विषय की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रमुख सचिव (कृषि) को पत्र जारी कर दिया गया है। संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन पहले फील्ड स्तर पर आवश्यक बुनियादी सुविधाएं और हेडक्वार्टर उपलब्ध कराता है तो ठीक है, अन्यथा इस ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाना चाहिए।




