पटना। भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री और गायिका अक्षरा सिंह इन दिनों बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने को लेकर चर्चा में हैं। बिहार में बाढ़ का असर लगातार कई इलाकों में देखने को मिल रहा है और ऐसे में अक्षरा सिंह ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर हालात को करीब से देखा और राहत सामग्री बांटी। अक्षरा ने अपने दौरे के दौरान खास तौर पर महिलाओं की परेशानियों का जिक्र किया और कहा कि एक महिला होने के नाते महिलाओं के लिए जो भी मदद उन्हें जरूरी लगी, उन्होंने अपनी तरफ से करने की कोशिश की।अक्षरा सिंह ने अपने हालिया दौरे के बारे में कहा, ''महिलाओं को बाढ़ के दौरान बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मैं खुद प्रभावित इलाके में गई थीं और वहां के हालात को अपनी आंखों से देखा। महिलाओं के लिए जो छोटी-मोटी मदद संभव थी, मैंने अपनी तरफ से करने की कोशिश की। मैं चाहती हूं कि भगवान मुझे आगे और काबिल बनाए, ताकि मैं लोगों के लिए इससे ज्यादा काम कर सकूं।''
उन्होंने अपने बिहार से जुड़ाव को भी इस मदद की बड़ी वजह बताया। अभिनेत्री ने कहा, ''मैं बिहार की बेटी हूं और इसलिए लोगों के मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा होना मेरी जिम्मेदारी है। मुझे जो पहचान, नाम और मुकाम मिला है, उसमें बिहार के लोगों का बड़ा योगदान है।''
बिहार में इस समय बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में गंगा, गंडक, कोसी और दूसरी नदियों का पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं और कई लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों या राहत शिविरों में जाना पड़ा है।
अक्षरा सिंह के फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2010 में भोजपुरी फिल्म 'सत्यमेव जयते' से अभिनय की शुरुआत की थी। इस फिल्म में उनके साथ रवि किशन नजर आए थे और यहीं से भोजपुरी सिनेमा में उनके सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने 'प्राण जाए पर वचन न जाए', 'बलमा बिहार वाला', 'प्रतिज्ञा 2', 'सत्या', 'तबादला', 'सरकार राज' और 'मां तुझे सलाम' जैसी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए।
अक्षरा सिंह ने भोजपुरी सिनेमा के अलावा हिंदी टेलीविजन में भी काम किया है। 'कालाटीका', 'सूर्यपुत्र कर्ण' और 'पोरस' जैसे शोज में उनके काम को दर्शकों ने देखा। इसके बाद वह 'बिग बॉस ओटीटी' के पहले सीजन में भी नजर आईं। उन्होंने खुद को एक्टिंग तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने गायिका के तौर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई।




