नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नेतृत्व के साथ बैठक के बाद कहा कि संस्थान के साथ मजबूत सहयोग भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने और वैश्विक व्यापार में देश की महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में सरकार और चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई, ताकि व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत किया जा सके।

पीयूष गोयल ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी विचार-विमर्श हुआ कि बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में व्यवसायों को नए अवसरों का लाभ उठाने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका कैसे और अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के बदलते परिदृश्य के अनुरूप कारोबारों को खुद को ढालने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी के साथ सार्थक बैठक हुई, जिसमें भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए सहयोग मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।"

मंत्री ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से जुड़े इकोसिस्टम में संस्थागत भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार किया गया।

उन्होंने कहा कि आईसीएआई जैसे पेशेवर संस्थानों की अधिक भागीदारी से कारोबारियों को भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों को बेहतर ढंग से समझने और उनका लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

पीयूष गोयल ने कहा, "हमने व्यापार और निवेश को सुगम बनाने में अकाउंटिंग प्रोफेशन की बदलती भूमिका, एफटीए इकोसिस्टम में संस्थागत भागीदारी बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर उभरते नए अवसरों का लाभ उठाने में कारोबारों को सहयोग देने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की।"

उन्होंने कहा कि इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नीति-निर्माताओं और पेशेवर संस्थाओं के बीच मजबूत सहयोग व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर ऐसे समय में जब भारत वैश्विक बाजारों के साथ अपनी भागीदारी लगातार बढ़ा रहा है।

इस सप्ताह की शुरुआत में भी पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत के नए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और नवाचार (इनोवेशन) के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने छात्रों से व्यावहारिक कौशल विकसित करने और तकनीक-आधारित शिक्षा को अपनाने की अपील की, ताकि वे इन नए अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।