पेरिस। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का गवर्निंग बोर्ड बुधवार दोपहर आपात तेल भंडार से कच्चे तेल और डीजल जारी करने के प्रस्ताव पर अनौपचारिक बैठक करेगा। यूरोपीय संघ के दो राजनयिकों ने यह जानकारी दी।
रॉयटर्स ने बताया कि राजनयिकों के मुताबिक, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने बुधवार सुबह हुई बैठक में इस प्रस्ताव की पहले ही समीक्षा कर ली है। इसके बाद आईईए के गवर्निंग बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बीच जी7 देशों ने पिछले सप्ताह आपात भंडार से कुल 10 करोड़ बैरल डीजल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई थी। जी7 ने ऊर्जा के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रतिबद्धता भी जताई थी।
हालांकि, तेल और ऊर्जा उद्योग में अभी भी इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि यूरोप और अमेरिका वास्तव में कितने बैरल तेल और डीजल बाजार में उतारेंगे। यह स्थिति ऐसे समय में है जब आपूर्ति की कमी और कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से बाजार पर दबाव बढ़ा हुआ है।
आईईए की प्रस्तावित बैठक ऐसे समय हो रही है जब प्रमुख तेल उत्पादक और उपभोक्ता देश ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने के लिए आपात भंडार के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं। प्रस्तावित भंडार जारी होने का उद्देश्य बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराकर तेल और ईंधन की कमी तथा ऊंची कीमतों के दबाव को कम करना है।
इस बीच, जर्मनी के आर्थिक मंत्रालय ने रॉयटर्स को बताया है कि देश एनर्जी रिजर्व (ऊर्जा भंडार) जारी करने की प्रक्रिया में शामिल होगा, जैसा कि पहले इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने निर्देश दिया था।
जी7 देशों ने पिछले हफ्ते अमेरिका के दबाव में आकर इमरजेंसी रिजर्व से 10 करोड़ (100 मिलियन) बैरल डीजल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई थी और ऊर्जा निर्यात पर कोई पाबंदी न लगाने का वादा किया था। लेकिन डीजल और कच्चे तेल की मात्रा के बंटवारे को लेकर उलझन बनी हुई है। यह भी साफ नहीं है कि क्या इससे मार्च में किए गए 40 करोड़ (400 मिलियन) बैरल तेल जारी करने के पुराने वादे पर कोई असर पड़ेगा।














