नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बुधवार को इटली के वरिष्ठ राजनयिक पाओलो मारी से मुलाकात की। दोनों के बीच आतंकवाद रोधी उपायों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। मारी नई दिल्ली में आयोजित 'भारत-इटली आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह' की छठी बैठक की सह-अध्यक्षता करने के लिए आधिकारिक यात्रा पर आए हैं।
विदेश मंत्रालय (एमईए) प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी। बताया कि सिबी जॉर्ज ने इटली के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में जी7-जी20, ट्रांसनेशनल थ्रेट्स और इंटीग्रेटेड स्ट्रैटेजी के डायरेक्टर पाओलो मारी का स्वागत किया। वे नई दिल्ली में आतंकवाद-रोधी मामलों पर भारत-इटली जॉइंट वर्किंग ग्रुप की छठी बैठक की सह-अध्यक्षता करने के लिए भारत आए हैं।
इसमें आगे लिखा, "उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की निंदा की, दोनों देशों के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की और आतंकवाद के लिए फंडिंग रोकने की संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने पर बात की।"
भारत-इटली आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी-सीटी) की 6वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई है। दोनों पक्ष हमेशा से ही आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा करते आए हैं। बैठक के दौरान द्विपक्षीय आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने के उपायों और 'आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने' (सीएफटी) पर संयुक्त पहल को आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।
एमईए की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 5वीं जेडब्ल्यूजी-सीटी और संगठित अपराध पर बातचीत 16-17 जनवरी, 2025 को रोम में आयोजित की गई थी, जिसका मकसद आतंकवाद के लिए फंडिंग और क्रिप्टो पर नजर रखना, टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल को रोकने (ऑनलाइन कट्टरपंथ, साइबरस्पेस में हेर-फेर और सरकार द्वारा प्रायोजित गलत जानकारी के प्रसार से निपटने) संबंधी जानकारी देना, और बहुपक्षीय तालमेल (इसके तहत संयुक्त राष्ट्र, ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे वैश्विक संगठनों) को बढ़ावा देना था।













