छतरपुर। छतरपुर जिले में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनाधिकृत परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन का सख्त अभियान लगातार जारी है। इसी सिलसिले में गौरिहार थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से लाए जा रहे डीएपी उर्वरक के परिवहन पर कृषि एवं पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। उर्वरक निरीक्षक सह सहायक संचालक कृषि छतरपुर के प्रतिवेदन पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत आपराधिक मामला पंजीबद्ध कराया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, गौरिहार थाना क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में घूम रहे वाहन क्रमांक UP95T6632 को रोका गया। सघन तलाशी के दौरान वाहन में 30 बोरी डी.ए.पी. (DAP) खाद लदी पाई गई। जांच अधिकारियों द्वारा जब चालक से उर्वरक के परिवहन, विक्रय अनुमति और वैध बिल/अभिलेख मांगे गए, तो वह मौके पर कोई भी आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद कृषि विभाग ने वाहन सहित पूरी खाद को जब्त कर गौरिहार थाने की सुपुर्दगी में दे दिया।
कबरई (यूपी) निवासी कार्तिकेय दुबे पर दर्ज हुआ केस
जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि आरोपी कार्तिकेय दुबे (पिता सुधीर दुबे, निवासी ग्राम रिवई, थाना कबरई, जिला महोबा, उत्तर प्रदेश) द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 35 एवं 35(1)(क) का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। मामले की सूचना गौरिहार तहसीलदार को देते हुए विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और गौरिहार थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देश पर सीमावर्ती इलाकों में सख्त निगरानी
छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीना के कड़े निर्देशों के तहत जिले में खाद की कृत्रिम कमी या अवैध तस्करी रोकने के लिए कृषि विभाग की टीमें सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग और आकस्मिक निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में खाद के अनाधिकृत परिवहन या कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।














