जेद्दा। सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने रविवार को सऊदी अरब के हज एवं उमरा मामलों के उपमंत्री अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात से मुलाकात कर हज 2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारतीय हज मिशन और सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के बीच आगामी हज के लिए निरंतर समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की।

जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि राजदूत विपुल के साथ महावाणिज्य दूत फहद सूरी और कौंसल (हज) सादफ चौधरी भी मौजूद थीं। प्रतिनिधिमंडल ने सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की।

महावाणिज्य दूतावास ने बताया कि बैठक में हज 2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई और आगामी हज के लिए भारतीय हज मिशन तथा सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय के बीच करीबी समन्वय जारी रखने पर विचार-विमर्श हुआ।

हज 2027 की तैयारियों के तहत राजदूत विपुल ने महावाणिज्य दूत और कौंसल (हज) के साथ जेद्दा एयरपोर्ट स्थित हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दोनों स्थानों पर सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से आगामी हज की तैयारियों को लेकर जानकारी ली।

महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि भारत की हज कमेटी के माध्यम से 1 लाख से अधिक भारतीय श्रद्धालु यात्रा करते हैं। ऐसे में जेद्दा का हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड ट्रेन सेवाएं भारतीय तीर्थयात्रियों के आगमन और आगे की यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण परिचालन केंद्र हैं।

हज 2027 की तैयारियां पिछले कई महीनों से जारी हैं। अगस्त में भी भारत के एक प्रतिनिधिमंडल ने सऊदी अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं।

9 अगस्त को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीवत्स कृष्ण ने सऊदी अरब के हज एवं उमरा मंत्रालय में योजना और डिजिटल परिवर्तन के उपमंत्री अब्दुलअजीज अल-मथामी से मुलाकात की थी। इस बैठक में भारतीय और सऊदी हज पोर्टल के तकनीकी एकीकरण पर चर्चा हुई थी।

भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, बैठक में उभरती तकनीकों के इस्तेमाल के जरिए समन्वय बेहतर करने, सेवाओं को सुव्यवस्थित करने और भारतीय श्रद्धालुओं के हज अनुभव को और बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई थी।