उमरिया, तपस गुप्ता। जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गिठोरी में बजरंग पावर इस्पात लिमिटेड के अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष पाली थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने कंपनी से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अपनी मांग को लेकर ग्रामीण करीब 13 घंटे तक थाने के बाहर डटे रहे। देर रात पुलिस द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।


जानकारी के अनुसार बजरंग पावर इस्पात लिमिटेड को शासन की ओर से कोल आवंटन मिलने के बाद ग्राम गिठोरी क्षेत्र में कोयला उत्खनन से संबंधित तैयारियां की जा रही हैं। इसी दौरान कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। इस दौरान महिलाओं के साथ भी गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।


घटना से नाराज आदिवासी महिला-पुरुष शिकायत लेकर पाली थाना पहुंचे और थाने के बाहर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि विवाद में शामिल कंपनी के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।


ग्रामीणों का प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ, जो रात लगभग 12 बजे तक चलता रहा। करीब 13 घंटे तक प्रदर्शनकारी थाने के बाहर डटे रहे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।


पुलिस ने शिकायत से संबंधित महिला को अस्पताल भेजकर मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) कराया। इसके बाद मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। पुलिस के आश्वासन पर देर रात ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।


मामले में कांग्रेस नेताओं ने भी ग्रामीणों का समर्थन करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। नेताओं का कहना है कि यदि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले कंपनी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ दोबारा आंदोलन किया जाएगा।


ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।