नई दिल्ली। भारतीय कंपनियां पनामा को एक निर्यात गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि कई दक्षिणी अमेरिकी बाजारों के लिए एक रीजनल बिजनेस हब के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। यह बयान भारत में पनामा के राजदूत अलोंसो कोरिया मिगुएल की ओर से दिया गया।एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई में हुई एक हाई-लेवल बातचीत के दौरान मिगुएल ने कहा कि पनामा उन भारतीय कंपनियों के लिए एक रणनीतिक गेटवे बन सकता है जो लैटिन अमेरिका, कैरिबियन और पूरे अमेरिका में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं।

मिगुएल ने कहा, "पनामा की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, पनामा नहर, मजबूत समुद्री और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम, स्पेशल इकोनॉमिक जोन और कोलोन फ्री ट्रेड जोन भारतीय कंपनियों के लिए क्षेत्रीय वितरण, वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियल कामकाज शुरू करने के बड़े अवसर प्रदान करते हैं।"

खासकर फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, ऑटोमोबाइल, मोटरसाइकिल, इंजीनियरिंग, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के लिए रीजनल हेडक्वार्टर और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाने के मौके मौजूद हैं।

राजदूत ने कहा, "पनामा अलग-अलग दक्षिणी अमेरिकी बाजारों में प्रवेश करने से जुड़ी कुछ चुनौतियों से निपटने में व्यवसायों की मदद कर सकता है, जिनमें लॉजिस्टिक्स, स्थानीय नियम, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बाजार-विशिष्ट व्यावसायिक तौर-तरीके शामिल हैं।"

एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन और ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष डॉ. विजय कलंत्री के अनुसार, अभी दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 600 मिलियन डॉलर का है। मजबूत बी2बी लिंक, बाजार की बेहतर जानकारी और ज्यादा संभावना वाले सेक्टर में खास सहयोग के जरिए अगले दो सालों में इसे दोगुना करके 1.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा तक पहुंचाने की काफी संभावना है।

उन्होंने कहा, "पनामा की रणनीतिक स्थिति और अमेरिका के साथ कनेक्टिविटी भारतीय कंपनियों को क्षेत्रीय विस्तार के लिए एक असरदार मंच दे सकती है।"

मुंबई में पनामा के कॉन्सल जनरल, रॉबर्टो रोड्रिग्ज प्राडा ने कहा, "भारतीय और पनामा के व्यवसायों के बीच सीधे जुड़ाव को मजबूत करने की काफी मौके मौजूद हैं, ख़ासकर फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और मैन्युफ़ैक्चरिंग के क्षेत्रों में। इसमें पनामा के स्पेशल इकोनॉमिक रिजीम के तहत वेयरहाउसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन से लेकर असेंबली, टेस्टिंग, फिनिशिंग और मैन्युफैक्चरिंग तक के अवसर शामिल हैं।"